खुशखबरीः फिर लौट सकती है HMT की 'धड़कन'
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बंद होने की कगार पर पहुंची एचएमटी की 'धड़कन' फिर लौट सकती है।
रक्षा मंत्रालय की टीम ने मंगलवार को उत्तराखंड स्थित एचएमटी रानीबाग इकाई का दौरा किया और मशीनों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही अब तक बनाए गए रक्षा उपकरण संबंधी सामान की गुणवत्ता भी परखी।
टीम ने रानीबाग इकाई को रक्षा मंत्रालय के अधीन किए जाने को लेकर संभावनाएं तलाशीं।
मंगलवार को रक्षा मंत्रालय के चार सदस्यीय दल में शामिल कोलकाता ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के डायरेक्टर जीसी एरेन, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड कोलकाता के डिप्टी डायरेक्टर वीके सिंह, देहरादून से ब्रिगेडियर एसडी चौधरी और रक्षा मंत्रालय के प्लानिंग अफसर एसएस सोलबीया एचएमटी रानीबाग पहुंचे।
कर्मचारियों के हित में लिया जाएगा फैसला
दल ने पहले रानीबाग के जीएम एससी कांडपाल के साथ बैठक की। उसके बाद फैक्ट्री का निरीक्षण किया। उन्होंने मशीनों की क्षमता, एक्यूरेसी, जमीन, क्वार्टर आदि की जानकारी ली।
टीम ने फैक्ट्री को पानी की सप्लाई कहां से होती है इस बाबत भी जानकारी ली। दल के सदस्यों ने डिफेंस के पिछले कामों के बारे में भी जाना। इस बाद यूनियन पदाधिकारियों एवं प्रबंधन के साथ बैठक की।
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड कोलकाता के डिप्टी डायरेक्टर वीके सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रक्षा मंत्रालय के अधीन एचएमटी रानीबाग को लिए जाने की बात चल रही है।
इसी संबंध में टीम संभावनाएं तलाशने आई थी। उन्होंने कहा कि यहां मशीनें अच्छी हैं और उम्मीद की किरण अभी बाकी है। टीम अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपेगी। सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के हित में फैसला लिया जाएगा।