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दून अस्पताल में ग्लूकोज भी खत्म, मरीज बेहाल

Fri, 29 Jan 2016 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 29 Jan 2016 11:40 PM IST
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glucose shortage in doon hospital.

दून अस्पताल में सर्दी जुकाम की दवाओं के बाद अब ग्लूकोज भी खत्म हो गया है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को बाजार से ग्लूकोज खरीदकर मंगाना पड़ रहा है। नई दवा क्रय नीति में बदलाव को इसकी वजह बताया जा रहा है।

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दून अस्पताल (दून मेडिकल कॉलेज से संबद्ध) में ग्लूकोज की रोजाना औसतन एक हजार बोतल की खपत है। चार दिन से दून अस्पताल में भर्ती मरीज बाजार से ग्लूकोज मंगा रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को ज्यादा मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। अभी कुछ दिन पहले अस्पताल में सर्दी खांसी तक की दवा खत्म हो गई थी।
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इमरजेंसी तक में दवाएं खत्म
इमरजेंसी तक में मरीजों के लिए दवाएं नहीं हैं। उच्च क्षमता की दवाइयां देने और ताकत के लिए भी डॉक्टर मरीज को ग्लूकोज चढ़ाते हैं। ऑपरेशन के बाद तो मरीज को ग्लूकोज अनिवार्य रूप से चढ़ाया जाता है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन समेत अन्य कई बीमारियों के इलाज में भी मरीज को ग्लूकोज चढ़ाया जाता है।
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दून अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने कहा कि आपात स्थिति में ग्लूकोज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशालय को सूचित कर दिया गया है।

नहीं मिला बजट
नई दवा खरीद नीति के तहत एक भी कंपनी ने आवेदन नहीं किया। राज्य की जिन कंपनियों का टर्नओवर 20 करोड़ और नेशनल कंपनी का टर्न ओवर 70 करोड़ रुपये है वे कंपनियां ही टेंडर में भाग ले सकती हैं। वहीं कंपनियों को एमआरपी से 23 फीसदी कम रेट पर टेंडर करना होगा।


उधर, दून अस्पताल का सालाना बजट तकरीबन 20 करोड़ रुपये है। इस बार अस्पताल को तिमाही के अनुसार बजट मिलना था, लेकिन अभी तक अस्पताल को मात्र पांच करोड़ 27 लाख का बजट ही मिला है।

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