स्कूल में आता है भूत, छात्राएं हुई बेहोश!
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टिहरी जिले में स्थित जीआईसी नागदेव पथल्ड में पिछले कई दिनों से छात्राएं चक्कर आने के बाद बेहोश हो रही हैं। शनिवार को मामला इतना बढ़ गया कि कई कक्षाओं की छात्राएं जोर-जोर से चिल्लाने लगी।
छात्राओं की इस स्थिति के लिए परिजन भूत-प्रेत को जिम्मेदार मान रहे हैं। यही नहीं स्कूल पहुंचकर अभिभावकों ने पुजारी को बुलाकर झाड़-फूंक भी कराई। अब सोमवार को इस संबंध में पीटीए की बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
चंबा ब्लॉक के राइंका नागदेव पथल्ड में जड़धार गांव, कुड़ियाल गांव, बहेड़ा, इंडवाल गांव, स्वाड़ी, स्यूल सहित कई गांव के छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। विद्यालय में पिछले चार-पांच दिनों से कुछ छात्राएं चक्कर आने के बाद बेहोश हो रही हैं।
शनिवार को पहला पीरियड शुरू होने के बाद ही एक-दो छात्राएं जोर-जोर से चिल्लाने लगीं और चक्कर आने के बाद बेहोश हो गईं। थोड़ी देर बाद ही अन्य कक्षाओं की कुछ और छात्राओं की भी यही स्थिति हो गई।
घूमता है सफेद कपड़ों में एक साया
मामला बढ़ता देख स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को मौके पर बुलाया जिस पर अभिभावकों ने इसे भूत-प्रेत या देवी-देवता का प्रकोप बताते हुए पुजारी को बुलाकर झाड़-फूंक करवाया। इसके कुछ समय बाद छात्राओं की स्थिति में सुधार आया और सभी बच्चे घर चले गये।
कुछ छात्राओं का कहना था कि उन्हें सफेद कपड़े में कक्षा के अंदर आता हुआ कोई दिखता है जिससे वह बेहोश हो रही हैं।
प्राचार्य का है कहना
विद्यालय में कुछ दिनों से छात्राएं चक्कर आकर बेहोश हो रही हैं। सोमवार को पीटीए की बैठक के साथ ही मेडिकल टीम को भी बुलाया गया है। कुछ अभिभावक इसे भूत-प्रेत का कारण मान रहे हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिक कारण से भी बच्चे बीमार हो सकते हैं। फिलहाल बेहोश हो रहे बच्चों को स्कूल आने से मना किया गया है।
-बीएन सिंह सचान, प्राचार्य