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...तो दिल्ली में मिली अगवा नवजात बच्ची!
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 23 Sep 2015 01:03 PM IST
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दिल्ली के ओखला में 3-4 दिन की एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली है। बच्ची का एम्स में उपचार चल रहा है।
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देहरादून पुलिस प्रेमनगर के सरकारी अस्पताल से अगवा बच्ची को इससे जोड़ कर चल रही है। हालांकि, परिजन आश्वस्त नहीं हैं। पुलिस डीएनए कराकर पता लगाएगी कि बच्ची किसकी है? बताया जा रहा है कि दिल्ली में मिली बच्ची का वजन और बाल अगवा बच्ची से मेल नहीं खा रहे हैं।
दिल्ली के ओखला में नवजात बच्ची के मिलने की खबर से पुलिस की बांछें खिल गई थीं। आनन-फानन में बच्ची का फोटो मंगाकर पिता राजेश, मां अनीता और दादी शिमला से पहचान कराने का प्रयास किया। परिजनों ने फोटो देखकर एक ही नजर में अपनी बच्ची अपनी होने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वजन और बाल उनकी बच्ची से मेल नहीं खाते हैं।
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पुलिस परिजनों को लेकर दिल्ली जा रही है। दूसरी ओर, दिल्ली में बच्ची कब मिली, इस पर भी पुलिस एक राय नहीं है। कभी कहती है कि 19 सितंबर को मिली तो कभी 20 सितंबर को मिलने की बात कह रही है।
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प्रेमनगर से नवजात बच्ची 19 सितंबर की शाम को अगवा हुई थी, जबकि दिल्ली में बच्ची धूप की रोशनी में मिली है। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह का कहना है कि बरामद बच्ची का राजेश और उसकी पत्नी से डीएनए मिलान किया जाएगा। दो-तीन दिन में बच्ची की सूरत बदल सकती है। इसलिए पुलिस कोई चांस नहीं लेना चाहती है।
चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, आगे नहीं बढ़ी जांच
देहरादून में प्रेमनगर के सरकारी अस्पताल से चुराई गई नवजात बच्ची के मामले में पुलिस के हाथ चार दिन बाद भी खाली हैं। माना जा रहा है कि शनिवार को बच्ची चुराने के बाद आरोपी महिला देहरादून से बाहर निकल गई है।
अभी तक की पुलिस जांच में यह ज्ञात हुआ है कि आरोपी महिला प्रेमनगर से बाइक से लिफ्ट लेकर बल्लूपुर चौक आई और वहां टैंपू से आईएसबीटी गई थी। इसके बाद उसकी कोई लोकेशन नहीं मिल पाई है। आशंका है कि महिला बच्ची को जिसके लिए चुराया था वहां तक पहुंचा दिया गया है।
प्रेमनगर के सरकारी अस्पताल से गार्ड राजेश की नवजात बच्ची को चोरी हुए मंगलवार को चार दिन हो गए। शनिवार सुबह जन्मी बच्ची को एक महिला शाम को लेकर फरार हो गई थी। पहले दिन से ही माना जा रहा है कि नवजात बच्ची को किसी की डिमांड पर उठाया गया है।
चार दिन बाद भी पुलिस के हत्थे आरोपी महिला के नहीं चढ़ने से यह आशंका और पुख्ता हो गई है कि वह महिला अपने सुरक्षित ठिकाने पर पहुंच गई है। पुलिस जांच में भी यह साफ हो गया है कि महिला बच्ची को लेकर दून की सीमा से बाहर चली गई है।
आरोपी महिला को प्रेमनगर अस्पताल से बाइक से बल्लूपुर तक लाने वाले युवक ने पुलिस को पूरी कहानी बता दी है। आरोपी महिला को बल्लूपुर चौक से आईएसबीटी तक लाने वाले टैंपू चालक को भी पुलिस ने खोज लिया है। पुलिस ने बस चालकों से भी बात की, लेकिन अभी तक यह पता चल पाया है कि आरोपी महिला बस में सवार होकर किधर गई है।
आईएसबीटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी आरोपी महिला कैद नहीं हो सकी है। पुलिस की जांच इससे आगे नहीं बढ़ पा रही है। एसपी सिटी अजय सिंह ने माना कि आरोपी महिला जिले की सीमा से बाहर जा चुकी है। गठित कई टीम बच्ची की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
पुलिस की चेकिंग पर सवाल
प्रेमनगर अस्पताल से नवजात बच्ची के चोरी होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी पर चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद आरोपी महिला अस्पताल से आईएसबीटी तक लिफ्ट लेकर और टैंपू से पहुंच गई। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि यदि पुलिस चेकिंग कर रही थी तो आरोपी महिला प्रेमनगर सरकारी अस्पताल से बस अड्डे तक का छह किमी से अधिक का सफर बेरोकटोक कैसे कर लिया?
अब तक की पुलिस की कार्रवाई
शहर के अधिकतर सीसीटीवी की फुटेज खंगाली
सरकारी और निजी अस्पतालों में पैदा बच्चों की सूची बनाई
हरिद्वार, सहारनपुर से गायब बच्चों के बारे में जानकारी ली
प्रेमनगर के मोबाइल टावर का डाटा खंगाला
बच्चा चोरी में जेल गए लोगों की लोकेशन खंगाली
आरोपी महिला के स्केच की 2000 प्रतियां बांटी
10 हजार रुपए का इनाम
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने अगवा नवजात बच्ची के बारे में सटीक जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की है। वह रकम बढ़ाने के लिए आला अफसरों को भी संस्तुति करेंगे।