सावधान! बाजार में आया पशुअाें की चर्बी से बना घी और रिफाइंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप खाना बनाने के लिए रिफाइड ऑयल और घी का प्रयोग कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। यहां पशुओं की चर्बी से बना घी और रिफाइंड बाजार में बेचा जा रहा है।
यह बात हम नहीं बल्कि तेल और घी बनाने वाली फैक्ट्री में की गई छापेमारी में सामने आया है। उत्तराखंड की सीमा पर बिलासपुर क्षेत्र में रविवार को पकड़ा गया कथित भैंसों की चर्बी से भरा टैंकर रुद्रपुर की एक घी और तेल बनाने वाली फैक्ट्री में लाया जा रहा था।
पकड़े गये टैंकर चालक ने पुलिस पूछताछ में खुद इस बात का खुलासा किया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले में फैक्ट्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन चालक ने पुलिस के सामने जो बात कबूल की है उससे यही लगता है कि रुद्रपुर की एक फैक्ट्री में घी और रिफाइंड बनाने के लिए पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रविवार को कुछ कांग्रेसियों ने बिलासपुर क्षेत्र में दो टैंकरों को चालक सहित पकड़कर बिलासपुर पुलिस के हवाले कर दिया था। दोनों टैंकरों में जानवरों की चर्बी भरी थी। चर्बी हापुड़ से लाई जा रही थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
ये टैंकर बार्डर पर सुनसान जगह पर खड़े किये गये थे और एक टैंकर का चालक रुद्रपुर की फैक्ट्री के मुनीम के साथ इन्हें उत्तराखंड में प्रवेश कराने के लिए कागजात तैयार करा रहा था।
पकड़े गये टैंकर चालक कानपुर निवासी छोटे ने पुलिस पूछताछ में जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला है। उसने बताया कि चर्बी से भरे दोनों टैंकर रुद्रपुर की एक फैक्ट्री में ले जाए जा रहे थे। जिस फैक्ट्री का उसने नाम लिया उस फैक्ट्री में घी और रिफाइंड तैयार किया जाता है।
फिलहाल इस फैक्ट्री के खिलाफ न तो यूपी पुलिस ने कोई एक्शन लिया है और न ही उत्तराखंड पुलिस ने इसकी छानबीन शुरू की है। एक टैंकर चालक ने यह भी कबूल किया कि वह चर्बी से भरा टैंकर लेकर दूसरी बार इस फैक्ट्री में जा रहा है। चर्बी हापुड़ से लाई जा रही थी। टैंकर चालक के इस खुलासे से शहर में सनसनी फैल गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हापुड़ से चर्बी से भरा टैंकर लेकर रुद्रपुर के किच्छा रोड स्थित शिमला पिस्तौर की फैक्ट्री में जा रहे टैंकर चालक से पूछताछ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से खलबली मच गई है। पुलिस पूछताछ में टैंकर चालक का कहना है कि वह टैंकर को लेकर किच्छा रोड स्थित एक फैक्ट्री में जा रहा था, वहां इसका क्या किया जाएगा उसे कुछ नहीं पता। उसे सिर्फ फैक्ट्री में माल उतारने को कहा गया है। टैंकर चालक ने यह भी कबूल किया कि वह दूसरी बार टैंकर लेकर फैक्ट्री में जा रहा था। टैंकर में जो चर्बी भरी थी वह हापुड़ स्थित चर्बी निकालने वाली फैक्ट्री से लाई जा रही थी। सूत्र बताते हैं कि हापुड़ से लाखों की चर्बी उत्तराखंड की फैक्ट्रियों में खपाई जा रही है। चर्बी का प्रयोग घी और रिफाइंड बनाने में किया जा रहा है।
मामले को दबाने की हो रही कोशिशें
टैंकरों में चर्बी पकड़ जाने के मामले की गंभीरता से जांच की गई तो चौंकने वाले खुलासे हो सकते हैं। इतना तय माना जा रहा है कि चर्बी से बना घी और रिफाइंड बाजारों में बड़े पैमाने पर खपाया जा रहा है। बाजार में बिक रहे इस घी का प्रयोग न सिर्फ लोग खाने के लिए कर रहे हैं बल्कि पूजा पाठ में भी यह इस्तेमाल हो रहा है।
मामले को दबाने की हो रही कोशिशें
रुद्रपुर। बिलासपुर में चर्बी से भरे टैंकर पकड़े जाने के मामले को दबाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि बिलासपुर पुलिस पर इस मामले को रफा दफा करने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन के साथ ही पहुंच वालों ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ कुछ संगठन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की पैरवी में उतर आए हैं।
फूड लैब में जांच कराई जाएगी कि आखिर चर्बी किस जानवर की है। किच्छा रोड स्थित जिस फैक्ट्री का नाम लिया जा रहा है उसकी भी जांच की जा रही है। चूंकि मामला यूपी के बिलासपुर थाने का है, इसलिए वहां की पुलिस को पूरा सहयोग किया जाएगा। अगर शहर में इस तरह जानवरों की चर्बी का उपयोग खाद्य सामग्री में किया जा रहा है तो इस पर रोक लगाई जाएगी।
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी ऊधमसिंह नगर
- मामला संज्ञान में आया है कि यूपी पुलिस ने चर्बी से भरे दो टैंकर पकड़े हैं, इसमें सैंपलिंग के लिए विभाग की टीम भेजी जाएगी और चर्बी की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
- मनीष सयाना, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी