अवैध वसूली के खिलाफ मुंह खोला तो छात्राओं संग हुई बदसलूकी
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अवैध वसूली के खिलाफ काशीपुर में बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं का पारा चढ़ गया। विरोध पर स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं को कथिततौर पर बंधक बना लिया।
इसकी सूचना मिलने पर स्कूल गेट पर अभिभावकों की भीड़ लग गई। मामला पुलिस-प्रशासन तक पहुंचा तो पुलिस अधिकारी और एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस प्रशासन के आश्वासन पर छात्राएं शांत हुईं।
गुरुवार को रतन रोड स्थित बालिका इंटर कॉलेज में अवैध वसूली का विरोध कर रही छात्राओं को बंधक बनाने की सूचना पर स्कूल के बाहर अभिभावकों की भीड़ जुट गई।
अभिभावकों ने छात्राओं से मिलने की मांग की। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने गेट पर अंदर से ताला लगाकर अभिभावकों को अंदर नहीं घुसने दिया।
सूचना पर एसडीएम पीएस राणा जीजीआईसी पहुंचे तो बालिकाएं अपने-अपने क्लासरूम से बाहर निकल आईं। छात्राएं पि्रंसिपल और शिक्षिकाओं के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।
माहौल बिगड़ता देख बुलानी पड़ी पुलिस
माहौल बिगड़ता देख एसडीएम पीएस राणा को पुलिस बुलानी पड़ी। छात्राएं प्रिंसिपल कक्ष की ओर जाने लगी तो पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान छात्राओं की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। मामला शांत करने के लिए एसडीएम ने शिक्षिकाओं की बैठक बुलाई।
बैठक के बाद एसडीएम ने बताया कि छात्राओं, प्रधानाचार्य और शिक्षिकाओं तीनों का पक्ष सुना गया। छात्राओं को अनुशासन में रहना चाहिए और शिक्षिकाओं को भी छात्राओं से अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
मामले की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। वहीं, प्रिंसिपल कामिनी वर्मा का आरोप है कि छात्राएं किसी के उकसाने पर भड़की हैं। इस पर एसडीएम ने कहा कि छात्राओं ने किसके उकसाने पर विरोध प्रदर्शन किया इसकी भी जांच की जाएगी।
‘जीजीआईसी काशीपुर में अवैध वसूली मामले की जांच चल रही है। इसके लिए विशेष टीम भी गठित की गई है। टीम शुक्रवार को स्कूल में पहुंच कर जांच करेगी।’
- नीता तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी
क्या है छात्राओं का आरोप
छात्राओं का आरोप है कि उनसे न्यू एडमिशन के नाम पर उनसे 100 रुपए, प्रवेश फॉर्म के नाम पर 10 रुपए, छात्रा कल्याण छह रुपए, परीक्षा शुल्क 30 रुपए, बिजली 18 रुपए, वार्षिकोत्सव के नाम पर 24 रुपए, अन्य मद में 12 रुपए लिए जाते हैं। छात्राओं का आरोप है कि 9वीं की छात्राओं से 150 रुपए नगद लेने के बाद साइकिल दी जाती है।