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कचरे से पटी पड़ी हैं देहरादून की सड़कें

Fri, 15 Jul 2016 10:40 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 15 Jul 2016 10:40 AM IST
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garbage on dehradun roads
कूड़ा - फोटो : अमर उजाला

सहस्त्रधारा मार्ग स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े न डालने देने की वजह से राजधानी में कूड़े और सड़ांध से जनता बेहाल है। मेयर विनोद चमोली की प्रशासन, प्रधान संगठन और हिलव्यू अपार्टमेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के बीच गुरुवार को संवाद तो हुआ लेकिन बेनतीजा रहा। कई पक्षीय संवाद के दौरान मेयर के साथ गहमागहमी तक हो गई।

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शाम चार बजे नगर निगम मेयर कक्ष में कूड़े की समस्या और ट्रंचिंग ग्राउंड को लेकर वार्ता शुरू हुई, जिसमें उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार व क्षेत्राधिकारी डालनवाला एके पांडे, नगर निगम अधिकारी व कुछ पार्षद भी शामिल हुए। वार्ता की शुरुआत में सब कुछ सामान्य चला लेकिन कुछ समय बाद गरमा गरमी हुई और ऐसी बढ़ी की बढ़ती ही गई।
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एसोसिएशन व ग्राम प्रधान संगठनों के पदाधिकारी कुर्सियों से उठ कर कक्ष से बाहर निकल गए। इस मौके पर अनिल रुहुला, एमएस बिष्ट, राकेश गुप्ता,प्रदीप वर्मा, उमेश पंत, संजय मुदगल, चेतन सूरी, विवेक श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान अभिषेक पंत, मनुज गोदियाल, ईश्वर सिंह, राजीव तोमर, उपप्रधान ज्ञान किशोर पंत, पार्षद सुशील गुप्ता, भूपेंद्र कठैत, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल व सहायक अभियंता एके सुंदरियाल आदि उपस्थित थे।
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मेयर का कहना था कि शुक्रवार को वह मुख्य सचिव से बातचीत करेंगे। ऐसे में मसले पर शुक्रवार को प्रशासन व नगर निगम और ग्रामीणों व क्षेत्रवासियों में टकराव की आशंका बन गई है।  

ग्रामीणों व कालोनी वासियों का पक्ष
आठ साल से कर रहे हैं संघर्ष, नगर निगम प्रशासन करता रहा है मानकों की अनदेखी
ट्रंचिंग मैदान में साफ सफाई, ब्लीचिंग, दवा छिड़काव, फॉगिंग समेत बुनियादी काम भी नहीं हुए
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर रहा नगर निगम
अब तक कैंसर व फेफड़ों के संक्रमण से हो चुकी है दस लोगों की मौत
दस दस फुट ऊंचा है कूड़ा और वाहनों में कूड़ा ढक कर नहीं बल्कि खुला आता है

मेयर का तर्क
ट्रंचिंग मैदान शिफ्ट करने में चाहिए छह माह का समय
तमाम कानून, नियमों, प्रक्रियाओं के कारण ट्रंचिंग मैदान को शिफ्ट करने में देर हो रही है
सिंगल टेंडर हुआ और मामला शासन के अधीन, नगर आयुक्त शासन में कर रहे पैरवी
नगर निगम प्रशासन ने मेयर के आदेशों की अनदेखी-उपेक्षा की है
दूसरी साइट पर कूड़ा डालना नामुमकिन, अपार्टमेंट बनाने का जिम्मेदार एमडीडीए

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