फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   gairsain assembly session report

गैरसैंण: ढूढ़ने निकले थे अमृत, शराब पर ही अटके रहे

Thu, 12 Jun 2014 01:01 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 12 Jun 2014 01:01 AM IST
विज्ञापन
gairsain assembly session report

उम्मीद तो बहुत थी कि गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के समुद्र मंथन से स्थानीय लोगों के विकास का अमृत निकलेगा। लेकिन तीन दिन के सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष मदिरा के कारोबार से आगे नहीं बढ़ सके।

विज्ञापन


मजे की बात यह रही कि विदेशी शराब के इस गोरखधंधे में सरकार जितनी कटघरे में थी, विपक्ष के पीछे भी शराब के एक सिंडीकेट का हाथ होने की खबरें पल पल आती रही।
विज्ञापन


आमजन की भावनाओं पर जीत के लिए को जीतने के लिए गैरसैंण में सत्र आयोजित हुआ उनके साथ खिलवाड़ जैसी स्थिति बन गई।

आखिरी का दिन तो विधानसभा के नियम कायदे कानूनों में ही फंस कर रह गया और सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

विदेशी शराब स्टोर पर दो बार कार्यवाही स्थगित

gairsain assembly session report

सत्र शुरू हुआ तो विपक्ष का एक दिन पहले का एफएल-2 वाला एजेंडा फिर बाहर आ गया। स्पीकर ने फिर कहा कि इसे नियम 58 में सुना जाएगा लेकिन विपक्ष 310 की जिद पर अड़ा रहा। इस, वजह से पांच मिनट बाद ही सदन को स्थगित कर दिया गया। और, जब फिर सत्र की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष वेल में आकर हंगामा करने लगा।

दर्शक दीर्घा में बैठे स्थानीय लोग इस घटना को लेकर आश्चर्यचकित भी थे, कि शराब के आगे राज्य का विकास बौना हो गया है। इस पूरे मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने ही क्षेत्र की जनता को निराश किया।

सबसे खराब बात यह रही कि विपक्ष ने सरकार पर एफएल-2 के मामले में शराब माफियाओं के हाथों बिक जाने का आरोप लगाया, लेकिन सरकार सदन के भीतर इसका कोई ठोस उत्तर नहीं दे सकी।

उधर, मंगलवार की शाम तेजी के साथ चली चर्चा चला कि विपक्ष, एफएल-2 का विरोधी लिकर सिंडिकेट के लिए यह सब तमाशा कर रहा है और इसमें राज्य का कोई हित नहीं है।

गैरसैंण पर छलक पड़ा कुंजवाल का दर्द

gairsain assembly session report

ऐसा मौका कई बार आया जब विपक्ष द्वारा सरकार का पक्ष लिए जाने के आरोप का खंडन करने के लिए स्पीकर गोविंद कुंजवाल को खड़े होकर सफाई देनी पड़ी।

तीन दिन के इस सत्र में स्थानीय जनता को जिस मुद्दे ने सबसे ज्यादा हताश किया वो सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के किसी भी सदस्य ने गैरसैंण को जिला, ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का बिन्दु चर्चा तक के लिए नहीं रखा।

स्पीकर की पीड़ा उस वक्त झलकी जब बाहर लोगों ने उनसे पूछा तो उन्होंने इतना भर कहा कि विधानसभा नियम कानूनों से चलती है, मैं कोई प्रस्ताव नहीं रख सकता और किसी सदस्य ने रखा नहीं।

सरकार, विपक्ष और स्पीकर सभी ने इस मुद्दे पर अपनी पीड़ा को दिखाने के लिए ज्यादा जोर दिया। जबकि क्षेत्रवासियों के लिए पेयजल की मुसीबत दूर करने के लिए कुछ नहीं किया।

विज्ञापन

इन बातों का जिक्र होता तो बात होती

gairsain assembly session report

: भराड़ीसैंण से गैरसैंण तक पेयजल की समस्या
: 1985 में स्थापित हुआ था, डेवलपमेंट नहीं हो पाया
: 16 किमी लंबा गैरसैंण पजाणा मोटर मार्ग 1985 में स्वीकत हुआ था, अभी तक पूरा नहीं।
: आईटीआई 28 साल से किराए के भवन में है, वायरमैन और रेडियो टीवी ट्रेड बंद हो गई
: सलियाणा बैंड के पास किसानों से 1991 में जमीन ली थी अपर शिक्षा निदेशालय के लिए लेकिन कुछ नहीं हुआ।

: 2001 का डिग्री कालेज है, बीएससी नहीं है, 14 किमी. दूर भवन है, यातायात की व्यवस्था नहीं है।
: सरकार ने गैरसैंण को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संचार के माध्यमों का कोई विकास नहीं किया।
: क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चाय की खेती होती थी, लेकिन अब लेदेकर एक नोटी चाय बागान बचा है जो कि चार्य बोर्ड के नियंत्रण में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed