Exclusive: जायका की फंडिंग से पेयजल निगम करेगा उत्तराखंड में योजनाओं पर काम, 38 नगरों में 1600 करोड़ से मिलेगा पानी
20 में नदियों से पंपिंग योजनाओं के माध्यम से पानी आबादी तक भेजा जाएगा। इन 38 प्रोजेक्ट में से 29 की डीपीआर तैयार की जा चुकी है। 38 में से 26 के लिए राजस्व भूमि की जरूरत होगी जबकि 17 योजनाओं के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण करना होगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के सभी जिलों के 38 नगरों में पेयजल योजनाओं पर जापान इंटरनेेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जायका) से 1600 करोड़ रुपये मिलेंगे। पेयजल निगम इन परियोजनाओं पर काम करेगा, जिसे सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है। प्रदेश में पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए एडीबी की तर्ज पर जायका की फंडिंग से पेयजल योजनाओं पर काम शुरू होने जा रहा है।
पेयजल निगम ने प्रथम चरण में सभी कस्बों (नगर पंचायत) एवं नगरों (नगर पालिका) में योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दे दिया है। इनमें नौ में पेयजल स्रोत से पानी का ट्रीटमेंट करने के बाद स्टोरेज करने के बाद सप्लाई किया जाएगा। ओवरहैड टैंक बनाकर ट्यूबवेल से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
20 में नदियों से पंपिंग योजनाओं के माध्यम से पानी आबादी तक भेजा जाएगा। इन 38 प्रोजेक्ट में से 29 की डीपीआर तैयार की जा चुकी है। 38 में से 26 के लिए राजस्व भूमि की जरूरत होगी जबकि 17 योजनाओं के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण करना होगा। 20 परियोजनाओं के लिए वन विभाग की एनओसी का प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।
किस जिले के किस नगर में कितने की योजना
जिला कस्बा/नगर प्रस्तावित खर्चअल्मोड़ा अल्मोड़ा, भिकियासैंण, रानीखेत, द्वाराहाट - 232 करोड़
बागेश्वर बागेश्वर- 70 करोड़
चमोली गैरसैंण, थराली, नंद्रप्रयाग, जोशीमठ, पीपलकोटि, गोपेश्वर - 116 करोड़
चंपावत लोहाघाट- 28 करोड़
हरिद्वार भगवानपुर, झबरेड़ा, शिवालिक नगर, पिरान कलियर, लंढौरा, लक्सर - 161 करोड़
नैनीताल भवाली, भीमताल, कालाढूंगी - 170 करोड़
पिथौरागढ़ बेरीनाग, गंगोलीहाट - 120 करोड़
रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, तिलवाड़ा - 106 करोड़
टिहरी चमियाला, चंबा, घनसाली, लंबगांव, कीर्तिनगर, नई टिहरी - 286 करोड़
ऊधमसिंह नगर जसपुर - 180 करोड़
उत्तरकाशी बड़कोट, चिन्यालीसौड़, पुरोला, नौगांव - 180 करोड़
यहां स्रोत से ट्रीटमेंट के बाद मिलेगा पानी
तिलवाड़ा, चिन्यालीसौड़, थराली, ऊखीमठ, गोपेश्वर, जोशीमठ, नंदप्रयाग, पीपलकोटि, अगस्त्यमुनि।
यहां ट्यूबवेल से मिलेगा पानी
भगवानपुर, शिवालिक नगर, पिरान कलियर, जसपुर, लक्सर, कालाढूंगी, झबरेड़ा, लंढौरा, भीमताल।
यहां पंपिंग योजनाओं से मिलेगा पानी : गैरसैंण, रानीखेत, लोहाघाट, गंगोलीहाट, घनसाली, बेरीनाग, चंबा, रुद्रप्रयाग, चमियाला, बागेश्वर, पुरोला, लंबगांव, बड़कोट, कीर्तिनगर, द्वाराहाट, नौगांव, अल्मोड़ा, नई टिहरी, भिकियासैंण, भवाली।
ये भी पढ़ें...Chardham Yatra: रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे कदम मगर इंतजाम पड़ रहे कम, 34 लाख यात्रियों ने किए दर्शन, देखें अब तक की तस्वीरें
प्रदेश के 38 कस्बों में पेयजल आपूर्ति की योजनाओं के निर्माण को 1600 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। जायका को इसका प्रस्तुतिकरण भी दिया जा चुका है। वन विभाग से एनओसी का प्रस्ताव दिया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी होगी। इसके बाद काम शुरू होगा।
- उदयराज सिंह, एमडी, पेयजल निगम