देहरादून: नौकरी और कारोबार का झांसा देकर फ्रॉड, टेलीग्राम से डाउनलोड कराया एप, बैंक डिटेल और पासवर्ड लिए
पीड़ित के मुताबिक, समर नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और मोबाइल पर एक लिंक भेजकर गो पे एप डाउनलोड करने को कहा। उन्होंने भरोसा कर एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद फ्राॅड हुआ।
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नौकरी और इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का कारोबार दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति के बैंक खाते और बैंकिंग सुविधाओं का कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। मोती बाजार निवासी अविरल सेठ ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर अनिमेष लहरी समेत कई लोगों पर खाते का दुरुपयोग करने की आशंका जताई है। पीड़ित के मुताबिक, संदिग्ध लेन-देन के कारण उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया। इसके बाद उसे पूरे मामले की जानकारी हुई।
अविरल सेठ के अनुसार, वर्ष 2024 में वह देहरादून में रोजगार की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात अनिमेष लहरी से हुई। अनिमेष ने उन्हें रोजगार दिलाने का भरोसा दिया और विदेश में रहने वाले अपने परिचित मनतोष से संपर्क कराया। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से भी बातचीत होने लगी। आरोप है कि उन्हें इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का कारोबार शुरू कराने और इससे आर्थिक लाभ दिलाने का प्रलोभन दिया गया।
पीड़ित के मुताबिक, कुछ समय बाद समर नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और मोबाइल पर एक लिंक भेजकर गो पे एप डाउनलोड करने को कहा। उन्होंने भरोसा कर एप डाउनलोड कर लिया। अविरल का आरोप है कि इसके बाद उनके मोबाइल पर आने वाले टेक्स्ट मैसेज भी संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने लगे। इसकी जानकारी उन्हें काफी समय बाद हुई।
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तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने कारोबार के नाम पर उनके बैंक खाते और अन्य बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इसी क्रम में वर्ष 2025 के आसपास उनके नाम से आईएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खुलवाया गया। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने खाते की जानकारी के साथ लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी हासिल कर लिए।
कुछ समय बाद बैंक खाता फ्रीज होने पर अविरल ने बैंक से संपर्क किया। वहां उन्हें बताया गया कि खाते में संदिग्ध लेन-देन और साइबर धोखाधड़ी से संबंधित धनराशि के कारण यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने समर और माइक से संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
बाद में आरोपियों ने टेलीग्राम पर बातचीत बंद कर उन्हें ब्लॉक कर दिया। पीड़ित ने पुलिस से संबंधित मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम आईडी, लिंक, एप और बैंक खाते में हुए लेन-देन की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शहर कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।