फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Four brothers sentenced to 5-year jail on kidnapping and forced marriage

नाबालिग का अपहरण और जबरदस्ती निकाह कराने के मामले चार भाइयों को पांच-पांच साल की सजा

Tue, 10 Jul 2018 11:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 10 Jul 2018 11:32 AM IST
विज्ञापन
Four brothers sentenced to 5-year jail on kidnapping and forced marriage
जेल

नाबालिग का अपहरण और जबरदस्ती निकाह कराने के मामले में विशेष पोक्सो अदालत ने चार सगे भाइयों को पांच-पाच साल कैद की सजा सुनाई है। सभी पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में दो आरोपियों के खिलाफ सबूत न मिलने पर कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। 

विज्ञापन


विशेष लोक अभियोजक पोक्सो कोर्ट भरत सिंह नेगी ने बताया कि 17 सितंबर 2016 को सहसपुर थाने में वादिनी ने अपनी 15 साल की नाबालिग बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने स्थानीय निवासी सगे भाइयों अनीश उर्फ गुल्लू, शकील, रहीस और आकिल पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। 19 सितंबर को उन्होंने लड़की का अनीश से जबरदस्ती निकाह करवा दिया। उसी दिन पुलिस ने दून से नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया था। 
विज्ञापन


विशेष जज पोक्सो रमा पांडेय की अदालत में अभियोजन की ओर से इस मामले में आठ गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए, उसके आधार पर पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। वहीं आरोपियों के वकील ने बताया कि मुस्लिम लॉ के अनुसार पीड़िता की उम्र निकाह योग्य है। अभियोजन ने तर्क दिया कि आईपीसी और पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसलिए यहां मुस्लिम लॉ लागू नहीं होगा। अभियोजन ने आरोप लगाया था कि अपहरण के बाद नाबालिग को उत्तरकाशी निवासी गुड्डू के यहां रखा गया था, जिसमें लड़के की मां भी शामिल रही। हालांकि दोनों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। जिस पर पुलिस ने दोनों को बरी कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने अभियुक्तों को आईपीसी की धारा 363 (नाबालिग का अपहरण) में तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना (जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास), धारा 366 (जबरदस्ती शादी के लिए मजबूर करते हुए ले जाना) में पांच साल की सजा और 20-20 हजार का जुर्माना (जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास) और 120बी  (आपराधिक षडयंत्र रचना) में दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed