हिम्मत को सलामः दूध लेने गए थे पूर्व फौजी, अचानक आ गया सैलाब, फरिश्ता बनकर आए दो युवक
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देहरादून के जामुनवाला निवासी गौतम धामी और मनीष कुमार की हिम्मत की दाद देनी होगी। दोनों ने गांव के कुछ युवकों के साथ मिलकर नून नदी में आई बाढ़ में फंसे एक बुजुर्ग पूर्व फौजी को सकुशल निकाला।
बहाव बहुत तेज था, बावजूद वह जान की परवाह किए बिना रस्सी के सहारे नदी में उतरे और बुजुर्ग को दूसरे छोर पर ले आए। कुछ देर बाद ही नदी का जलस्तर बढ़ गया और उस जगह को भी अपने आगोश में ले लिया, जहां बुजुर्ग फंसा हुआ था।
अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया
हुआ यूं कि रविवार सुबह कांडली निवासी पूर्व सैनिक प्रताप सिंह मेहरा रोज की तरह अपने दो अन्य साथियों के साथ दूध लेने जामुनवाला गए हुए थे। नून नदी पर पुल न होने के कारण लोग इसे पैदल पार करते हैं।
वह साथियों के साथ दूध लेकर वापस आ रहे थे। उनके दोनों साथी नदी पार कर गए। प्रताप सिंह बीच नदी में पहुंचे ही थे कि अचानक जलस्तर बढ़ गया। इससे वह घबरा गए और जान बचाने के लिए नदी के बीच में एक बड़े पत्थर पर चढ़ गए।
बिना रस्सी के सहारे नदी में उतर गए दोनों युवक
उसके बाद भी जलस्तर बढ़ता गया। साथियों की सूचना पर जामुनवाला गांव से ग्रामीण मौके पर पहुंचे। नदी का बहाव इतना तेज था कि कोई नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। इसी बीच गांव के गौतम और मनीष ने हिम्मत दिखाई और जान की परवाह किए बिना रस्सी के सहारे नदी में उतर गए। उसके बाद बुजुर्ग को सकुशल नदी से बाहर निकाला।
देर होती तो हो सकती थी अनहोनी
नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। यदि दोनों युवक समय से बुजुर्ग को नहीं निकालते तो अनहोनी हो सकती थी। कुछ देर में जिस स्थान पर बुजुर्ग फंसा हुआ था, उस स्थान को भी पानी ने अपने आगोश में ले लिया। गौतम और मनीष की इस हिम्मत की न केवल नदी में फंसे बुजुर्ग प्रताप सिंह ने सराहना की, बल्कि जामुनवाला, कांडली सहित आसपास के गांव के लोग उनकी हिम्मत की दाद दे रहे हैं।