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उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्रियों को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत, अब जमा करना ही पड़ेगा किराया
Wed, 07 Aug 2019 12:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 07 Aug 2019 12:27 PM IST
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हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी आवास व अन्य सुविधाओं का बकाया माफ करने वाली पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। उक्त याचिका पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा व भगत सिंह कोश्यारी की ओर से दायर की गई थी।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश चन्द्र खुल्बे की खण्डपीठ ने आज फैसला सुनाते हुए पुनर्विचार याचिका निरस्त कर दी। इसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को बकाया किराया जमा करना होगा। बहुगुणा के आवास का किराया प्रति माह करीब 39 हजार निर्धारित किया गया है। कोश्यारी पर कुल 47 लाख व विजय बहुगुणा पर 37 लाख का बकाया है।
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बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भगतसिंह कोश्यारी व विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कार्यकाल का किराया बाजार दर पर वसूलने के आदेश पर पुनर्विचार की अपील की थी। पूर्व मुख्यमंत्री भगतसिंह कोश्यारी ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि उनसे 30 हजार पांच सौ रुपए प्रतिमाह के दर से किराया वसूला जा रहा है।
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कोश्यारी ने कहा है कि जो आवास उन्हें आवंटित हुआ था वह सिंचाई विभाग की संपत्ति है और किराया भी सिंचाई विभाग को वसूलना चाहिए। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने भी बाजार दर पर किराया वसूलने के आदेश पर पुनर्विचार की अपील की थी।