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Dehradun News: पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ के भांजे ने दी आत्महत्या की धमकी, वीडियो वायरल
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I18 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले में कार्रवाई न होने की कही बात, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश
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Iइसी महीने की शुरुआत में सीओ मसूरी भी कर चुके हैं मामले की जांच, नहीं मिले साक्ष्य
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Iलेनदेन के विवाद में कार्रवाई न होने की बात कहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के भांजे विक्रम राणा ने आत्महत्या की धमकी दी है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी अजय सिंह ने एसपी सिटी को जांच के आदेश दिए हैं।
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Iइससे पहले सीओ मसूरी इसी महीने की शुरुआत में जांच कर चुके हैं लेकिन विक्रम राणा के आरोपों के सापेक्ष कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वीडियो में विक्रम सिंह राणा ने दो लोगों पर 18 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। वीडियो में वह कहते दिखाई दे रहे हैं कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनके सामने आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद एसएसपी ने कहा कि मामले की सीओ मसूरी ने बीती दो अगस्त को जांच रिपोर्ट दी है जिसमें मामला सिविल प्रकृति का पाया गया। इसके आधार पर शिकायतकर्ता को अदालत में सिविल वाद दाखिल करने की सलाह दी गई।
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Iअब वायरल वीडियो में शिकायतकर्ता सीओ जांच से संतुष्ट नहीं नजर आ रहे हैं तो एसपी सिटी को पुन: जांच के निर्देश दिए गए हैं। वह सभी पक्षों के फिर से बयान लेकर शीघ्र जांच रिपोर्ट दाखिल करेंगे। गौरतलब है कि राणा का वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है जब हाल ही में प्रदेश में लेनदेन के विवाद के चलते एक कारोबारी ने पौड़ी में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली और उनका भी आत्महत्या से पहले बनाया गया वीडियो वायरल हुआ।
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Iसीओ मसूरी की जांच रिपोर्ट के तथ्य
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Iसीओ मसूरी मनोज केएस असवाल ने दो अगस्त को जांच रिपोर्ट जारी की जिसमें दोनों पक्षों के बयान के आधार पर शुरुआती पड़ताल पूरी होने का दावा है। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा के आरोपों से संबंधित कोई निर्णायक दस्तावेजी सबूत नहीं मिला। सीओ मसूरी ने निष्कर्ष दिया कि राणा और प्रतिवादियों के बीच पुरकुल स्थित भूमि और एक विंडमिल प्रोजेक्ट पर विवाद है। दोनों पक्ष पैसों के लेनदेन के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन जांच के दौरान किसी भी पक्ष ने कोई पुख्ता दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया। इस कारण लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है।I
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Iइसी महीने की शुरुआत में सीओ मसूरी भी कर चुके हैं मामले की जांच, नहीं मिले साक्ष्य
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Iलेनदेन के विवाद में कार्रवाई न होने की बात कहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के भांजे विक्रम राणा ने आत्महत्या की धमकी दी है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी अजय सिंह ने एसपी सिटी को जांच के आदेश दिए हैं।
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Iइससे पहले सीओ मसूरी इसी महीने की शुरुआत में जांच कर चुके हैं लेकिन विक्रम राणा के आरोपों के सापेक्ष कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वीडियो में विक्रम सिंह राणा ने दो लोगों पर 18 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। वीडियो में वह कहते दिखाई दे रहे हैं कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनके सामने आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद एसएसपी ने कहा कि मामले की सीओ मसूरी ने बीती दो अगस्त को जांच रिपोर्ट दी है जिसमें मामला सिविल प्रकृति का पाया गया। इसके आधार पर शिकायतकर्ता को अदालत में सिविल वाद दाखिल करने की सलाह दी गई।
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Iअब वायरल वीडियो में शिकायतकर्ता सीओ जांच से संतुष्ट नहीं नजर आ रहे हैं तो एसपी सिटी को पुन: जांच के निर्देश दिए गए हैं। वह सभी पक्षों के फिर से बयान लेकर शीघ्र जांच रिपोर्ट दाखिल करेंगे। गौरतलब है कि राणा का वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है जब हाल ही में प्रदेश में लेनदेन के विवाद के चलते एक कारोबारी ने पौड़ी में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली और उनका भी आत्महत्या से पहले बनाया गया वीडियो वायरल हुआ।
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Iसीओ मसूरी की जांच रिपोर्ट के तथ्य
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Iसीओ मसूरी मनोज केएस असवाल ने दो अगस्त को जांच रिपोर्ट जारी की जिसमें दोनों पक्षों के बयान के आधार पर शुरुआती पड़ताल पूरी होने का दावा है। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा के आरोपों से संबंधित कोई निर्णायक दस्तावेजी सबूत नहीं मिला। सीओ मसूरी ने निष्कर्ष दिया कि राणा और प्रतिवादियों के बीच पुरकुल स्थित भूमि और एक विंडमिल प्रोजेक्ट पर विवाद है। दोनों पक्ष पैसों के लेनदेन के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन जांच के दौरान किसी भी पक्ष ने कोई पुख्ता दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया। इस कारण लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है।I