पेड़ लगाओ और मालामाल हो जाओ...
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अब पेड़ लगाने से केवल हरियाली ही नहीं मिलेगी, बल्कि पैसा भी मिलेगा। चौंकिए नहीं यह सच है।
वन विभाग ने उत्तराखंड में आरईडीडी प्लस योजना (रिड्यूशिंग इमिशंस फ्रॉम डिफारेस्ट्रेशन एंड फारेस्ट डिग्रेडेशन) को लागू कर दिया है। इसमें वन पंचायतों को सीधे जोड़ा गया है।
वन अधिनियम के कारण लोगों को नियम-कानून का ज्यादा पालन और व्यवहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोगों का लगाव जंगल से कम हो रहा है। जंगल को आम आदमी से जोड़ने के लिए आरईडीडी प्लस योजना शुरू की गई है।
उत्तराखंड में योजना संचालित करने की जिम्मेदारी तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ डॉ. पराग मधुकर धकाते को सौंपी गई है। उन्हें योजना का नोडल अफसर बनाया गया है।
वन पंचायत के खाते में जाएगी राशि
डॉ. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि योजना को प्रदेश की सभी करीब 13 हजार वन पंचायतों को लागू किया गया है। पेड़ कार्बन डाई ऑक्साइड अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं।
पर्यावरण को सुरक्षित करने के एवज में गांव वालों को कोई लाभ नहीं होता है। लेकिन अब जिस वन पंचायत में जितने पेड़ होंगे, उस हिसाब से एक निश्चित मानक के तहत वन पंचायत के खाते में राशि जाएगी।
इसका इस्तेमाल गांव के विकास में हो सकेगा। अगर जंगल बढ़ता है तो भुगतान की राशि भी बढ़ती जाएगी। पेड़ों की मौजूदा संख्या, बढ़ोतरी या कमी आदि का आकलन आधुनिक सेटेलाइट इमेज, ग्राउंड रिपोर्ट आदि के आधार पर होगा।
इसका पैटर्न तैयार कर लिया गया है। इसमें आईसीएफआरआई (इंडियन काउंसिल ऑफ फारेस्ट्री रिसर्च एंड एजूकेशन) भी सहयोग कर रहा है।