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इस दिवाली गहने खरीदने से पहले देखें शुद्घता के ये 5 निशान

Wed, 21 Oct 2015 01:19 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 21 Oct 2015 01:19 PM IST
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five marks of check gold purity.

त्योहारी सीजन में महिलाएं केवल डिजाइन और कम कीमत देखकर कहीं से भी खरीद लेती हैं। लेकिन सोने के गहने खरीदने से पहले आगे दिए गए पांच निशान जरूर जांच लें।

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लोग हॉलमार्क जैसे मानक पर ध्यान नहीं देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें आभूषण बेचते या बदलते समय उठाना पड़ता है। यह कहना है भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून शाखा के प्रमुख जेएम खन्ना का।
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अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने सोने के जेवरों को सावधानीपूर्वक खरीदने का सुझाव देते हुए कहा कि आभूषण हमेशा हॉलमार्क लगा ही लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दून में कई दुकानदारों ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से लाइसेंस ही नहीं लिया है।
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कई लोगों ने अपने अलग ब्रांड के तहत मानक तय कर रखे हैं जो जेवर पर अंकित कर देते हैं, लेकिन वह बीआईएस से स्वीकृत नहीं होती। उन्होंने लोगों को ऐसे लोगों से भी सचेत रहने को कहा।

क्यों दे ज्यादा कीमत
होलमार्क के नाम पर कई विक्रेता ज्यादा कीमत वसूलते हैं, इस सवाल का जवाब देते हुए खन्ना ने कहा कि बिलकुल गलत है। सेंटर से होलमार्क अंकित कराने के लिये गोल्ड आइटम के पहले पीस पर 150 रुपए देने पड़ते हैं।

फिर अतिरिक्त पीस पर इससे कम धनराशि देनी पड़ती है। लेकिन, यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि यदि विक्रेता तुरंत होलमार्क अंकित कराने को कहे तो समझ लीजिये कि वह नकली अंकन हो सकता है।

खरीदने के पहले देखें पांच निशान

five marks of check gold purity.

- पहला मानक का सिंबल जो त्रिकोण होगा। उसके अंदर पथप्रदर्शक लिखा होगा
- 916 कोड होता है जो 22 कैरेट सोने का बना होना दर्शाता है
- लैब सेंटर का नाम अंकित है या नहीं
- ज्वेलर या कंपनी का नाम आभूषण पर होना चाहिए
- पांचवा मैनुफेक्चरिंग के वर्ष का कोड होगा। जैसे 2015 का कोड ‘टी’ है
(ऐसे निशान को देखने के लिए मैग्नीफायर लैंस का इस्तेमाल करना होगा)

फर्जी मार्क से बचें
बीआईएस प्रमुख खन्ना ने बताया कि हाल ही में देहरादून में एक केबल पर फर्जी आईएसआई मार्क लगाकर बेचने का मामला आया था। उसका केबल रूड़की से मेनुफैक्चर होकर आता है।

पूरा नाम और जानकारी देने पर रूड़की में छापा मारा गया और अब कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही मामलों से बचने के लिए ब्यूरो से मानक होने का लाइसेंस ले लेना चाहिए। इस संबंध में भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून में 0135-2665129 शिकायत की जा सकती है।

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