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आपके घरों में 'बम' पहुंचा रही हैं एजेंसियां

Thu, 19 Jun 2014 12:29 PM IST
अमर उजाला, कोटद्वार
अमर उजाला, कोटद्वार Updated Thu, 19 Jun 2014 12:29 PM IST
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expiry lpg cylinder distribute in uttarakhand

आईओसी और गैस एजेंसियों की लापरवाही उपभोक्ताओं की जान पर भारी पड़ रही है। उत्तराखंड में कोटद्वार की अधिकतर गैस एजेंसियों में बेधड़क एक्सपायरी डेट और बिना वाशर के सिलेंडर उपभोक्ताओं को बांटे जा रहे हैं।

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उपभोक्ताओं को इससे होने वाले खतरे की जानकारी नहीं है और गैस एजेंसियां और आईओसी जानबूझ कर अनजान बनी हुई हैं। नतीजतन गैस लीक होने के कारण आग लगने और एक्सपायरी डेट के सिलेंडर फटने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए नियमानुसार नया सिलेंडर सात साल में और उसके बाद प्रति तीन साल में सिलेंडर की आधुनिक यंत्रों द्वारा सुरक्षात्मक जांच की जाती है। सिलेंडर में गैस लीक को रोकने के लिए वाशर लगाया जाता है।

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नहीं होती सुरक्षा जांच

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आईओसी के नियमों के अनुसार सभी गैस एजेंसी को प्रति दो साल में उपभोक्ताओं के किचन में जाकर गैस उपकरणों की जांच कर आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने चाहिएं। उपभोक्ताओं की मानें तो सरकारी गैस एजेंसियां दो साल में जांच के नाम पर 50 रुपये शुल्क तो ले लेती हैं, मगर कभी भी जांच के लिए उपभोक्ताओं के घर नहीं पहुंचती।

ऐसे करें एक्सपायरी सिलेंडर की जांच  
गैस सिलेंडर में जनवरी से मार्च तक ग्रेड ‘ए’, अप्रैल-जून तक ‘बी’, जुलाई-सितंबर तक ‘सी’, अक्तूबर-दिसंबर तक ‘डी’ ग्रेड दिया जाता है। ग्रेड के आगे एक्सपायरी वर्ष लिखा जाता है। उदाहरण के लिए डी-11 इससे यह साबित होता है कि इस सिलेंडर की दिसंबर 2011 में मियाद समाप्त हो गई है। गैस लेते समय वाशर की जांच करें।

कैसे करें सुरक्षात्मक उपाय

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वाशर नहीं होने पर सिलेंडर लीक कर सकता है अथवा पहले से लीक होने पर उसमें गैस कम हो सकती है। कोटद्वार और निकटवर्ती इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधकों का कहना है कि प्लांट से प्रत्येक लॉट में करीब 10 प्रतिशत एक्सपायरी डेट के सिलेंडर उन्हें प्राप्त होते हैं। वापस नहीं होने की स्थिति में उन्हें मजबूरी में उपभोक्ताओं को देने पड़ते हैं।

  • सिलेंडर लेते समय वाशर की जांच कर लें।
  • सिलेंडर का उपयोग लिटाकर और उल्टा करके न करें।
  • कंपनी से अधिकृत चूल्हा, रबर और रेगुलेटर का ही इस्तेमाल करें।
  • चूल्हे को सिलेंडर से ऊंचाई पर रखें।
  • रसोई में परदों का इस्तेमाल न करें।
  • सिलेंडर के पास बिजली का स्विच न लगाएं।
  • रसोई में हवा अवागमन की व्यवस्था रखें।
  • गैस की दुर्गंध आने पर बिजली के स्विच ऑन न करें।
  • गैस लीकेज पर रसोई की खिड़की, दरवाजे खोल दें।

क्या कहते हैं अधिकारी?

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एक्सपायरी डेट सिलेंडर का मामला गंभीर है, इसके लिए प्लांट के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। एजेंसियों को उपभोक्ता को इस प्रकार के सिलेंडर नहीं देने चाहिएं। उन्हें इन सिलेंडरों को प्लांट को वापस करना चाहिए। उपभोक्ता एसे सिलेंडरों का उपयोग न करके उन्हें गैस एजेंसी को वापस कर सकते हैं।
-वीके सुंद्रियाल, सीनियर सेल्स मैनेजर, आईओसी

गैस सिलेंडर के रूप में खतरा बांट रही एजेंसियां, लोग अनजान
10 फीसदी एक्सपायरी सिलेंडर बंट रहे उपभोक्ताओं को
-गैस सिलेंडरों में वाशर नहीं होने से लीकेज की समस्या आम
-सिलेंडर फटने और आग लगने की हो सकती हैं घटनाएं

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