कितना महंगा हुआ रेल का सफर, जानें यहां...
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रेल माल भाड़ा बढ़ने से उत्तराखंड का औद्योगिक क्षेत्र खासा प्रभावित होगा। अब कितना हुआ रेल किराया जानने के लिए पढ़ें... उत्पादकों के सामने उत्पाद के दाम बढ़ाना ही विकल्प बचेगा।
ऐसा न करने पर दूसरे राज्यों के सामने प्रतिस्पर्धा से बाहर होने का खतरा बढ़ जाएगा। इस बढ़ोत्तरी का सबसे ज्यादा असर फार्मा सेक्टर पर पड़ने जा रहा है।
शुक्रवार को रेल भाड़ा में करीब साढ़े छह फीसदी का इजाफा उद्योग क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली संकट के चलते इंडस्ट्री पहले से परेशान है। रेल भाड़ा बढ़ने के बाद दिक्कत और बढ़नी लाजमी है।
अब और बढ़ेगी महंगाई
प्रांतीय इंडस्ट्रीज एसोसिएशन महासचिव अनिल मारवाह के मुताबिक उत्तराखंड में रेल का बड़ा नेटवर्क नहीं, अप्रत्यक्ष रूप से इसका बड़ा फर्क पड़ेगा।
सब्जियां, कोयला, सीमेंट पर इसका सीधा सा असर पड़ेगा। यह महंगे हो जाएंगे। इंडस्ट्रियलिस्ट अंकुर सिंघल प्लास्टिक मोल्डिंग उद्यम से जुड़े हैं। उनका अधिकांश रा मैटीरियल गुजरात से आता है।
वह बताते हैं कि दिल्ली तक इसके लिए रेल का ही सहारा है। उत्तराखंड में अधिकांश मैन्यूफैक्चरिंग यूनिटें हैं, इसलिए उत्पादन लागत बढ़ना तय है।
राज्य के उद्यमियों के लिए दूसरे राज्यों के उद्योगों से कंपीटिशन कर पाना मुश्किल हो जाएगा। निवेश के माहौल पर तो बुरा असर होगा ही।
यह है संभावित रेल किराया
दून से दिल्ली का किराया
जनरल - स्लीपर - थर्ड एसी - सेकेंड एसी
100 ----- 190 --- 510 --- 725
अब होगा
114 ---- 217.5 --- 583 --- 1051
दून से हल्द्वानी का किराया
स्लीपर - थर्ड एसी - सेकेंड एसी
190 ---- 510 --- 725
अब होगा
217.5 --- 583 --- 1051
दून से लखनऊ का किराया
स्लीपर - थर्ड एसी - सेकेंड एसी
275 ---- 740 ---- 1060
अब होगा
314 ---- 847 ---- 1213
दून से कानपुर का किराया
स्लीपर - थर्ड एसी - सेकेंड एसी
315 ---- 840 -- 1210
अब होगा
360 --- 961 -- 1385
(किराये की बढ़ी हुई दरें आने वाली 25 जून से लागू होंगी। जिन यात्रियों ने पहले से टिकटें बुक कराई हैं, उनसे यात्रा के दौरान बढ़ा हुआ किराया वसूला जाएगा।)
रेल किराए पर छली गई जनता
पहले से महंगाई से जूझ रहे दूनवासियों पर रेल किराया बढ़ने से और दबाव पड़ेगा। केंद्र के इस फैसले से लोगों में खासी नाराजगी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि क्या इसीलिए लोगों ने भाजपा को वोट दिया था।
दीपक पंवार कहते हैं कि रेल का किराया पहले से आसमान छू रहा है। नई बढ़ोत्तरी से आम लोगों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह जनता से छल है।
संजय क्षेत्री बताते हैं कि 14 प्रतिशत किराया बढ़ने से रेल यात्रा काफी महंगी हो जाएगी। पहले से एसी कोच के टिकट महंगे हैं। नई सरकार ने जनता से वादाखिलाफी की है।
रजनी राणा बताती है कि भाड़ा बढ़ने से बाजार में जरूरी सामान के रेट भी बढ़ जाएंगे। निश्चित तौर पर महंगाई और बढ़ेगी। जनता पहले से त्रस्त है।