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एक्सक्लूसिव: अब चार पर्वतीय जिलों में भी बनेंगे स्वामित्व कार्ड, ड्रोन का होगा इस्तेमाल
Sun, 24 Jan 2021 03:39 PM IST
अलका त्यागी
सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 24 Jan 2021 03:39 PM IST
सार
- उत्तरकाशी, टिहरी, चंपावत और पिथौरागढ़ के लिए आदेश जारी
- उच्च तकनीक के ड्रोन का होगा इस्तेमाल, सर्वे टीमों की संख्या बढ़ेगी
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ड्रोन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना में अब प्रदेश सरकार चार पर्वतीय जिलों को शामिल करने जा रही है। राजस्व विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग ने इसके लिए भारतीय सर्वे विभाग से उच्च तकनीक के नए ड्रोन का उपयोग करने को भी कहा है।
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स्वामित्व कार्ड योजना के तहत इस समय प्रदेश में पौड़ी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में काम किया जा रहा है। अभी तक परियोजना पायलट फेज में हैं और पर्वतीय जिलों की दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए इन जिलों में काम शुरू करने से बचा जा रहा था।
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अब प्रदेश सरकार ने इस काम को गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी, टिहरी और कुमाऊं मंडल में चंपावत और पिथौरागढ़ में शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत सर्वे टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी और उच्च तकनीक के नए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। राजस्व विभाग के मुताबिक उच्च तकनीक के नए ड्रोन भारतीय सर्वे की ओर से खरीदे भी जा रहे हैं।
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ऊधमसिंह नगर में 80 प्रतिशत काम पूरा
राजस्व विभाग का दावा है कि ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में स्वामित्व योजना के तहत सर्वे का 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। दून में अब देहरादून तहसील में सर्वे शुरू किया जाएगा।
पहाड़ों की चुनौती, दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं ड्रोन
पहाड़ों में ड्रोन से सर्वे करना भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। यहां ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त भी हो रहे हैं। दूसरी ओर, पहाड़ों में सर्वे करने में समय भी अधिक लग रहा है। पौड़ी में काम करते समय विभाग के सामने यह चुनौती पेश आई है। इसी को देखते हुए विभाग ने भारतीय सर्वे से उच्च तकनीक के ड्रोन और सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की है।
पंचायतों के लिए भी खासी उपयोगी है योजना
इस योजना के तहत गांवों का डिजीटल नक्शा बनाया जाना है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में इन नक्शों की बदौलत लोगों को उनकी मकान, दुकान आदि का स्वामित्व भी एक कार्ड के जरिये दर्शाया जा रहा है। इसी वजह से इस योजना को स्वामित्व नाम भी दिया गया है। नक्शा बनने से पंचायत भी अपनी संपत्ति का रखरखाव बेहतर तरीके से कर पाएंगी।
2022 तक इस काम को पूरे प्रदेश में किया जाना है। इसीलिए अब चार पर्वतीय जिलों में सर्वे का काम शुरू किया जा रहा है। इसका आदेश जारी किया जा चुका है और अब तैयारी की जा रही है। करीब 6500 गांवों में यह कार्ड बनाए जा चुके हैं।
- सुशील कुमार, सचिव राजस्व