आंदोलन की धुन में अपना मुद्दा ही भूल गए कर्मचारी संगठन
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वेतन विसंगति के मसले पर अलग-अलग आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर रहे कर्मचारी संगठन सेवानिवृत्ति के मुद्दे पर उलझ गए हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने का मामला उठाने के बाद कर्मचारी संगठन मूल मुद्दा भूल गए। इस वक्त कर्मचारी संगठन सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के पक्ष और विपक्ष में आंदोलन कर रहे हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की गेट मीटिंग में भी वेतन विसंगति का मुद्दा बाद में आता है। मीटिंग के दौरान वक्ता सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के पक्ष में तर्क देते हैं। इसके साथ ही विरोधियों को कटघरे में खड़ा करते हैं।
मीटिंग के अंतिम चरण में दो चार वाक्य वेतन विसंगति पर बोल कर इतिश्री कर ली जाती है। इधर, विरोधी संगठनों ने सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ने के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है।
कर्मचारी संगठन बोले, भूले नहीं हैं मुद्दा
उत्तरांचल मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन आफ सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले सारे कर्मचारी एकजुट हैं। पर्वतीय पटवारी और शिक्षक संघ सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के संबंध में अधिक मुखर हैं।
कर्मचारी नेताओं का है कहना
वेतन विसंगति को भूले नहीं हैं। सरकार इस मामले में वादा निभाएगी। कुछ संगठन जमीन खिसकने से बौखला कर सेवानिवृत्ति का विरोध कर रहे हैं।
-ठाकुर प्रह्लाद सिंह, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
वेतन विसंगति का मामला अपनी जगह है। लेकिन सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ने से बेरोजगारों को नौकरी के अवसर कम होंगे। इसलिए विरोध कर रहे हैं।
-सुनील दत्त कोठारी, महामंत्री उत्तरांचल मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन आफ सर्विसेज एसोसिएशन