Exclusive: उत्तराखंड में अब बारिश के पानी से बनेगी बिजली, जिंदल समूह ने चार जिलों में किया सर्वे, ये है योजना
प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर तमाम कवायदें अभी परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। अलकनंदा व सहायक नदियों के 21 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पर भी पीएमओ के जवाब का इंतजार है।
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उत्तराखंड में जल्द ही बारिश के पानी से बिजली पैदा होगी। इसके लिए राज्य सरकार पंप स्टोरेज पॉलिसी बनाएगी। इन परियोजनाओं की संभावना के तौर पर जिंदल समूह ने प्रदेश में चार जिलों का सर्वेक्षण किया है। केंद्र सरकार ने भी इसके लिए अपने स्तर से सर्वे की छूट दी है।
प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर तमाम कवायदें अभी परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। अलकनंदा व सहायक नदियों के 21 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पर भी पीएमओ के जवाब का इंतजार है। इस बीच बारिश के पानी से बिजली उत्पादन की पंप स्टोरेज योजना एक मजबूत विकल्प बनकर उभर सकती है। इसकी कवायद राज्य में तेज हो गई है।
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केंद्र सरकार ने भी ज्यादा से ज्यादा पंप स्टोरेज प्लांट लगाने पर जोर देते हुए कंपनियों को अपने स्तर से चिन्ह्किरण करने की छूट दी है। लिहाजा, जिंदल समूह ने प्रदेश में चार जिलों देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत में इसके लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।
समूह को केंद्र सरकार ने 40 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य दिया है, जिसके तहत राज्य के चार जिलों में संभावना तलाशी है। अब सरकार के स्तर से केंद्र के नियमों के तहत पंप स्टोरेज पॉलिसी तैयार की जाएगी। शासन स्तर पर इसकी कवायद तेज कर दी गई है।
कैसे काम करेगा पंप स्टोरेज प्लांट
इसके लिए बारिश के पानी को दो जगह एकत्र किया जाएगा। निचले स्तर से पानी को पंपिंग करके ऊपरी स्टोरेज में ले जाया जाएगा। वहां से वापस नीचे के स्टोरेज तालाब में पानी लाया जाएगा, इस दौरान टरबाइन से बिजली उत्पादन होगा।
प्रदेश में पंप स्टोरेज प्लांट से बिजली उत्पादन की दिशा में कवायद की जा रही है। इसके लिए केंद्र के नियमों के तहत पॉलिसी बनाई जाएगी। इसी पॉलिसी के अंतर्गत राज्य में इन प्लांट की स्थापना की जाएगी।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, ऊर्जा
पंप स्टोरेज प्लांट के लिए राज्य में जो भी सर्वे हुआ है, उसके तहत पॉलिसी बनने के बाद फिजिबिलिटी चेक की जाएगी। केंद्र ने इस दिशा में काफी सरल नियम बनाए हैं। भविष्य में बारिश के पानी से बिजली उत्पादन अच्छा विकल्प बन सकेगा।
-संदीप सिंघल, एमडी, यूजेवीएनएल