फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   electricity supply in china border village.

अब भी अंधेरे में चीन सीमा के 60 गांव

Tue, 02 Feb 2016 09:21 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 02 Feb 2016 09:21 AM IST
विज्ञापन
electricity supply in china border village.

चीन सीमा से उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले के 60 गांव आज भी अंधेरे में हैं। सामरिक महत्व के इन क्षेत्रों तक विद्युत लाइनें पहुंचने से बार्डर एरिया डेवलेपमेंट प्लान (बीएडीपी) के तहत होने विकास कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में इसका खुलासा हुआ है।

विज्ञापन


दूधली निवासी अजय कुमार ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) से जानकारी मांगी थी कि प्रदेश के कितने गांवों में आज भी बिजली नहीं है। अधिशासी अभियंता (परियोजना) अरुण कांत की ओर से जो जानकारी दी गई वह चौंकानी वाली है।
विज्ञापन


चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले के 31 और पिथौरागढ़ के 29 गांव आज भी बिजली से अछूते हैं। अल्मोड़ा के चार, बागेश्वर के दो, चंपावत का एक, पौड़ी गढ़वाल के दो, रुद्रप्रयाग का एक और रुद्रप्रयाग के छह गांवों में आज भी केंद्र और राज्य की सरकारें बिजली नहीं पहुंचा पाई हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अजय कुमार का कहना है कि सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन गांवों में आजादी के छह दशक बाद भी बिजली न पहुंचाया जाना चिंता का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपीसीएल के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि इन गांवों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत बिजली पहुंचाई जानी है। केंद्र ने यूपीसीएल को पहली किश्त में 88 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। जो गांव अक्सर हिमाच्छादित रहते हैं, उनको सोलर लाइट से जगमग किया जाएगा। कुछ गांवों के लिए टेंडर भी हो गए हैं। इन पर तेजी से काम किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed