{"_id":"67ff1c26bc6d4318f10adf2e","slug":"electricity-bills-arrears-increased-by-513-crores-in-five-years-commission-expressed-concern-uttarakhand-news-2025-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: बिल वसूली में छूटे पसीने, पांच साल में बकायेदारी 513 करोड़ बढ़ी, आयोग ने UPCL से एक्शन मांगा प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: बिल वसूली में छूटे पसीने, पांच साल में बकायेदारी 513 करोड़ बढ़ी, आयोग ने UPCL से एक्शन मांगा प्लान
Wed, 16 Apr 2025 08:34 AM IST
रेनू सकलानी
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 16 Apr 2025 08:34 AM IST
सार
बिल वसूली में पसीने छूटने के बाद उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने एक माह में यूपीसीएल से एक्शन प्लान मांगा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फ्रीपिक
विस्तार
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की समग्र राजस्व आवश्यकताओं (एआरआर) का 20% से अधिक पैसा बिजली बिलों में फंस गया है। पिछले पांच साल में यह बकायेदारी 513 करोड़ बढ़ने पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने चिंता जताई है। आयोग ने एक माह में यूपीसीएल से एक्शन प्लान मांगा है।
विज्ञापन
आंकड़ों पर गौर करें तो यूपीसीएल का वर्ष 2024-25 का एआरआर 10690.03 करोड़ था। जबकि यूपीसीएल की बकायेदारी 2157.62 करोड़ रुपये पहुंच गई। नियामक आयोग ने माना है कि यह बकाया राशि यूपीसीएल के एआरआर का 20.18 प्रतिशत है। वर्ष 2021 में यूपीसीएल के 2,73,076 उपभोक्ताओं पर कुल 1643.87 करोड़ रुपये बकाया थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: अब प्रदेश के 117 मदरसों में लागू होगा उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम, वक्फ बोर्ड ने जारी किया आदेश
विज्ञापन
हर साल यह आंकड़ा बढ़ता गया। वर्ष 2022 में 3,01,960 उपभोक्ताओं पर 1886.9 करोड़, वर्ष 2023 में 3,11,369 उपभोक्ताओं पर 1878.64 करोड़ और दिसंबर 24 में 3,66,951 उपभोक्ताओं पर 2157.62 करोड़ बकाया पहुंच गया।