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पानी ने तोड़ दी 21 साल पुरानी परम्परा
अमर उजाला, यमकेश्वर, पौड़ी
Updated Fri, 13 Jun 2014 08:17 PM IST
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पानी के विवाद ने न सिर्फ दूरियां पैदा की बल्कि पौड़ी जिले के कोलसी गांव में दो दशक पुरानी परम्परा को भी तोड़ दिया। दो दशक बाद ग्रामीण प्रधान चुनने के लिए वोट डालेंगे।
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अब तक ग्रामीण अपना मुखिया निर्विरोध चुनते आ रहे थे। पिछले साल गांव में पानी को लेकर दो परिवारों में हुए विवाद की छाया इस बार पंचायत चुनाव पर भी पड़ी। इस विवाद के बाद दो धड़ों में बंटे लोगों ने प्रधान के लिए अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।
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21 साल से चल रही है परम्परा
164 वोटरों वाली ग्राम पंचायत कोलसी में वर्ष 1992-93 में हरि सिंह बिष्ट प्रधान चुने गए थे। दो वर्ष बाद जब उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया तो उप प्रधान कुशपाल सिंह रावत को निर्विरोध प्रधान चुना गया।
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वह 1997 में भी निर्विरोध प्रधान चुने गए। 2002-03 में माया देवी और 2008 में राजेंद्र सिंह नेगी को भी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रधान चुना था। इस बार किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनने से गांव में बीस वर्ष बाद मतदान पेटी लगेगी।
गांववालों का है कहना
गांव में इस बार मेहरबान सिंह और मोहन सिंह चुनाव मैदान में हैं। पूर्व प्रधान माया देवी, विलमती देवी, कांता देवी, उम्मेद सिंह, कोमल सिंह, चंदन सिंह, उमाशंकर आदि का कहना है कि निर्विरोध प्रधान की प्रक्रिया बहुत अच्छी थी।
हम लोग आज भी प्रधान के लिए निर्विरोध के पक्ष में हैं। इससे गांव में जहां एकता बनी रहती है वहीं आपसी भाईचारा भी बना रहता है।