भूकंप के झटकों से दहली पिथौरागढ़ की वादियां
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के ऊपरी रामगंगा घाटी के कई इलाकों में बुधवार सुबह आए भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई।
सुबह 7: 24 मिनट पर करीब तीन से पांच सेकेंड तक झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 आंकी गई है। भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
इसका केंद्र (29.8 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.1 डिग्री पूर्वी देशांतर) थल और नाचनी के बीच ऊपरी रामगंगा घाटी में बताया गया है।
थल, नाचनी, मुनस्यारी और डीडीहाट क्षेत्रों में भूकंप
भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से सात किलोमीटर अंदर था।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि 5.5 तीव्रता तक भूकंप को सामान्य माना जाता है और इससे नुकसान की संभावना कम रहती है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने बताया कि भूकंप का असर थल, नाचनी, मुनस्यारी और डीडीहाट क्षेत्रों में महसूस किया गया।
डीडीहाट के एसडीएम बीएस फोनिया और मुनस्यारी के एसडीएम एके शुक्ला ने जिलाधिकारी एचसी सेमवाल को इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी है।
नाचनी में गुजरते फाल्ट से भूकंप का खतरा
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार नाचनी के पास से गुजरते फाल्ट से ही भूकंप का खतरा बना रहता है।
इसमें हलचल से भूकंप आता है। राज्य मौसम विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा के अनुसार पिथौरागढ़ जिला भूकंप की दृष्टि से जोन पांच में आता है।
थल और नाचनी के आसपास जमीन के अंदर एक फाल्ट गुजरता है। इस फाल्ट के हिलने से अक्सर भूकंप की संभावना बनी रहती है।
उनका कहना है कि लोगों को घरों को इस तरह का बनाना चाहिए कि उसमें कोई बड़ा झटका आने पर गिरने का खतरा न रहे।