...तो उत्तराखंड को तबाह कर सकता था भूकंप
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शुक्र है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को आए भूकंप का केंद्र शहर से दूर था। अगर भूकंप संरचना का असर सतह तक पहुंचता तो यह कहर बरपा सकता था।
रिक्टर पैमाने पर 5.1 तीव्रता का भूकंप आपदा की दृष्टि से संवेदनशील चमोली जनपद में एक बार फिर तबाही ला सकता था।
वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ भूकंप वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार के अनुसार जमीन के भीतर इतनी स्ट्रेन एनर्जी है, जो कभी भी कहर बरपा सकती है।
यह बड़े भूकंप के रूप में ही बाहर निकलती है। हिमालय के अन्य क्षेत्रों की तरह गढ़वाल-कुमाऊं के क्षेत्र में भी यह ऊर्जा एकत्र हो रही है। प्रतिष्ठित जर्नल जियोलाजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया में प्रकाशित हो ‘इवैल्यूएशन एंड इंप्लिकेशंस आफ सीस्मिक इवेंट्स इन गढ़वाल-कुमाऊं रीजन आफ हिमालया’ नाम के पेपर में इस ऊर्जा के बाबत चिंता जाहिर की गई है।
छोटे-मोटे भूकंप इस क्षेत्र में आते ही रहते हैं। बृहस्पतिवार को आए भूकंप की लहरें अगर जमीन के भीतर ही न रहतीं तो विस्फोटक हो सकती थीं।
5.5 से अधिक तीव्रता वाले 21 भूकंप
बीती सदी में रिक्टर पैमाने पर 5.5 से अधिक की तीव्रता वाले कुल 21 भूकंप रिकार्ड किए गए हैं। वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान की ओर से जमीनी हलचल पर नजर रखने के लिए उत्तराखंड में सात, हिमाचल में दो और उत्तर प्रदेश के एक ब्राड बैंड स्टेशन स्थापित किया गया है।
भूकंप ने खड़खड़ाए खिड़की और दरवाजे
कुमाऊं-गढ़वाल के पर्वतीय जिलों में बुधवार रात करीब 2.42 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता इतनी थी कि खटीमा-चंपावत तक इसके झटके महसूस किए गए।
देहरादून से मौसम विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई है जबकि इसका केंद्र चमोली जिले के थराली तहसील का डुंगरी गांव था। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है।
कुमाऊं में पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा तथा गढ़वाल के चमोली, रुद्रप्रयाग जिले में श्रीनगर समेत कई इलाकों में धरती डोलने से खिड़कियां, दरवाजे हिलने लगे। कुछ लोग डरकर घर से बाहर निकल गए, हालांकि भूकंप से अभी तक किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के साथ ही धारचूला, मुनस्यारी, थल, मदकोट में भी भूकंप आने से लोग दहशत में हैं। अल्मोड़ा जिला मुख्यालय, चौखुटिया और आसपास के क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
कुछ सेकेंड तक घरों में हलचल महसूस की गई। नींद में रहने के कारण अधिकांश लोगों को झटके महसूस नहीं हुए। चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा में भी झटके महसूस किए गए।