अब घर की सुंदरता में चार चांद लगाएगा गोबर का गमला, कभी खराब नहीं होंगे इसमें लगे पौधे
गोबर से खाद और बायो गैस बनाने के बारे में आपने सुना ही होगा, लेकिन अब गोबर का गमला और मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती बनाने का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जो कमाई का भी एक साधन बन रहा है। गोबर के गमलों में लगे फूल घरों की सुंदरता में चार चांद लगाने का काम करेंगे।
परेड ग्राउंड में प्रोग्रेसिव डेरी फारमर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) की ओर से आयोजित दून अंतरराष्ट्रीय पशु एवं कृषि मेले में गोबर से बने गमलों की प्रदर्शनी लगाई गई है। जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रयागदत्त जुयाल ने बताया कि गोबर के गमले बनाने का मुख्य उद्देश्य नर्सरी में पौधे लगाने पर प्लास्टिक के प्रयोग को खत्म करना है।
जिससे वातावरण प्रदूषित होने से बचेगा। साथ ही पौधेे की जड़े भी खराब होने से बच सकेंगी। उन्होंने बताया कि गोबर, लकड़ी के बुरादे और भूसे से गमले को मशीन में तैयार किया जाता है।
गोबर के गमले से पशुपालकों को रोजगार मिलेगा।
जिसे बनने में लगभग 48 घंटे का समय लगता है। यह छह महीने तक सही रहता है। उन्होंने बताया कि इस गमले में मिट्टी भरकर पौधा लगाया जा सकता है। जब पौधे को जमीन में लगाना हो तो गमले के साथ ही मिट्टी में उसका रोपण किया जा सकता है।
इससे पौधा खराब नहीं होगा और पौधे को खाद भी मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि गोबर में लैकमड मिलाकर अगरबत्ती बनाई जा रही है जिससे मच्छर भगाने का काम किया जाता है।
गोबर के गमले से पशुपालकों को रोजगार मिलेगा। जुयाल ने बताया कि गोबर से अन्य वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण देकर कई लोगों को रोजगार देने का भी काम किया जा रहा है।