ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जा रहे हैं तो ध्यान दीजिए, एक बार चूक गए मौका तो फिर पछताएंगे
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अगर आप ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं तो पहले ध्यान से ये यह खबर पढ़ लीजिए। देहरादून आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में एक बार चूकने पर महीने भर बाद ही दोबारा नंबर आ रहा है।
उसमें भी गारंटी नहीं कि टेस्ट हो ही जाए, लेकिन अगर कोई व्यक्ति दलाल के जरिये टेस्ट देने जाता है तो वक्त जाया हुए बगैर मिनटों में टेस्ट हो जाएगा। यहां सामान्य प्रक्रिया से डीएल बनवाना किला जीतने जैसा हो गया है।
मौजूदा समय में सिम्युलेटर टेस्ट के लिए रोजाना 50 टोकन तो दिए जाते हैं, लेकिन बनते केवल 30-35 ही हैं। जबकि एक टेस्ट में केवल पांच मिनट का ही वक्त लगता है। इसे लेकर कई बार लोगों ने आरटीओ से मिलकर नाराजगी जताई। इसके बावजूद व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौटी।
रोजाना बनते हैं 200 लर्निंग लाइसेंस
आरटीओ में पारदर्शिता के दावे तो हमेशा ही किए जाते हैं, लेकिन अफसर दलालों पर अंकुश लगाने पर पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। सारथी सॉफ्टवेयर के जरिये ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन बनाया जाता है। इस बीच उन्हें सिम्युलेटर टेस्ट से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद दलाल डीएल बनवाने के लिए आने वाले लोगों को झांसे में लेकर मनमाना शुल्क वसूलते हैं।
जबकि सामान्य तरीके से पहुंचने वालों को धक्के खाने पड़ते हैं। सिम्युलेटर टेस्ट के लिए पहले उन्हें टोकन देकर घंटों इंतजार कराया जाता है। वहीं, एक बार नंबर छूटने पर उनका दोबारा नंबर कब आएगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। कभी अगले दिन बुलाया जाता है तो कभी एक महीने बाद।
ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसे दिखवाया जाएगा। दलालों पर भी अंकुश लगाया जाएगा।
- डीसी पठोई, आरटीओ
ये है ड्राइविंग लाइसेंस की फीस
ये है ड्राइविंग लाइसेंस की फीस
लर्निंग
दो पहिया वाहन - 170 रुपये
दो एवं चार पहिया वाहन - 370 रुपये
स्थायी लाइसेंस
दो पहिया वाहन - 720 रुपये
दो एवं चार पहिया वाहन - 1020 रुपये
ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया
रोजाना बनते हैं 200 लर्निंग लाइसेंस
आरटीओ में रोजाना 200 लर्निंग लाइसेंस बनाए जाते हैं, जबकि सिम्युलेटर टेस्ट के लिए रोजाना केवल 50 टोकन ही दिए जाते हैं। ऐसे में 150 लर्निंग लाइसेंस धारक कहां जाएंगे। नतीजतन यह संख्या बढ़ती ही जाती है। जिसके चलते लाइसेंस बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।