देहरादून में आया 1600 किलो. का 'सुल्तान', देखने वालों की लग गई भीड़
परेड ग्राउंड में आयोजित मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। मेले में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पशुपालकों ने अपने पशुओं की प्रदर्शनी लगाई।
कीमत करोड़ में
उन्होंने बताया कि वह रुस्तम का वीर्य बेचकर हर साल लगभग 40 लाख रुपए कमाते हैं। दलेल सिंह ने बताया कि कृषि के बजाए पशुपालन में अधिक लाभ मिलता है।
प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) की ओर से राज्य सरकार और हंस फाउंडेशन की ओर से परेड मैदान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पशु एवं कृषि मेले का शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आला अफसरोें और आयोजकों के साथ मेले का भ्रमण कर हरियाणा के जींद से आए रुस्तम व सुल्तान भैंसा, लाडो भैंस, होलिस्टीयन फ्रीजन, बद्री, गिर प्रजाति की गायों के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मेले में देशी-विदेश की कंपनियों की ओर से लगाए गए कृषि उपकरणों एवं पशुपालन से जुड़े स्टालों का भी भ्रमण कर जानकारी ली। उद्घाटन के बाद मीडियाकर्मियाें से रूबरू हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से राज्य के लोगों में खेतीबाड़ी और पशुपालन के प्रति रुझान बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा सकेंगे। पशुपालन गांवों के साथ साथ शहरों में भी स्वरोजगार का बेहतर जरिया साबित हो सकता है।
मेले में ‘मेक इन इंडिया’ की झलक
इतना ही नहीं मेले में दर्जनभर देशी-विदेशी कंपनियों के भी ऐसे स्टाल लगाए गए हैं, जिनमें पशुओं के आहार से लेकर उन्हें होने वाली बीमारियों से बचाव की दवाइयां मुहैया कराई जा रही है। मेले में ऐसी मिल्क मशीन का डिस्प्ले किया गया है जिससे आठ पशुओें का दूध एक साथ निकाला जा सकता है। इस मशीन से यह भी जानकारी मिलती कि किस पशु ने कितना दूध दिया है। साथ ही मशीन दूध को पाउच में भी पैक कर देती है। इन स्टालों पर लोगों को कंपनी प्रतिनिधि जानकारी दे रहे हैं।
गिर, बद्री, थारपारकर गाय बनीं आकर्षण का केंद्र
मेले में होलिस्टीयन फ्रीजन से लेकर देवभूमि में पाई जाने वाली बद्री गाय तक का प्रदर्शन किया गया है। मेले में गुजरात में पाई जाने वाली गिर गाय, पाकिस्तान में पाई जाने वाली थारपारकर गाय आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मेले में आए पशुपालकों को इन गायों की तमाम विशेषताएं भी बताई जा रही हैं।
पीडीएफए के सीईओ डॉ. अतुल जोशी ने बताया कि मेले का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देना है। जिससे लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि मेले में आए किसानों को आधुनिक तकनीकी की जानकारी दी जाएगी। प्रदेश में कृषि में अधिक रोजगार नहीं है। ऐसे में पशुपालन की नई तकनीकी का इस्तेमाल कर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। इस मौके पर विमल चौहान, सुबोध कुमार, धीरज देवराड़ी, मनीष नवानी, शिव कुमार थापा, अनुज गर्ग, शेर सिंह रावत, अखिलेश शर्मा, मधुकांत शिलोड़ी, नीरज ठाकुर आदि मौजूद रहे।