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Dehradun News: छह वार्ड बॉय के सहारे चल रही दून अस्पताल की इमरजेंसी

Fri, 26 Jan 2024 02:44 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jan 2024 02:44 AM IST
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Doon Hospital's emergency going on with the help of six ward boys
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II- तीमारदारों को खींचना पड़ता है स्ट्रेचर, मरीजों की बढ़ गई है परेशानी
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I- एक बार में एक वार्ड बॉय की लगती है ड्यूटी
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I- इमरजेंसी में भी ड्यूटी के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं, दूसरे विभागों में भी दिक्कत
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Iदून अस्पताल में स्टाफ की इतनी कमी है कि इमरजेंसी सिर्फ छह वार्ड बॉय के सहारे चल रही है। छह में एक-एक वार्ड बॉय की ड्यूटी अलग-अलग शिफ्ट में लगाई जाती है। इसकी वजह से मरीज और तीमारदार परेशान होते हैं। कई बार तीमारदार ही मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर से इमरजेंसी या वार्ड तक ले जाते हैं। एक्स-रे, सीटी स्कैन, ईको और एमआरआई करवाने के लिए भी तीमारदारों को ही मरीजों को ले जाना पड़ता है।
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Iइमरजेंसी ही नहीं दून अस्पताल के अन्य विभागों में भी ऐसी ही स्थिति है। वहां भी स्टाफ की कमी है। एक वार्ड बॉय तीन वार्ड में काम करता है। यही हाल वार्ड आया का भी है। ऐसे में परेशानी मरीजों को होती है। लंबे इंतजार के बाद भी वार्ड बॉय या वार्ड आया मदद के लिए नहीं मिल पाती हैं।
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Iबता दें कि गंभीर स्थिति में मरीज सबसे पहले इमरजेंसी में आता है। इसमें जच्चा बच्चा वाले केस, एक्सीडेंट ट्राॅमा वाले केस, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले भी इन दिनों बढ़ गए हैं। अस्पताल की इमरजेंसी 24 घंटे चलती है। ऐसे में स्टाफ को भी 24 घंटे अलर्ट पर रहना पड़ता है। एक वार्ड बॉय अगर दूसरे मरीज को ले जा रहा है तो अन्य मरीजों को इंतजार करना पड़ता है।
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Iरात की ड्यूटी करने वाले को दी जाती है छुट्टी
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Iबता दें कि अस्पताल में तीमारदारों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर मरीजों ले जाते देखा जाता है। मरीजों के सैंपल जमा करने भी वार्ड बॉय को जाना होता है लेकिन यह काम भी तीमारदार करते हैं। इसकी वजह यह है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी है। एक वार्ड बॉय सुबह, दूसरा दोपहर और तीसरा रात में ड्यूटी करता है। जो वार्ड बॉय रात की ड्यूटी करता है उसको दूसरे दिन छुट्टी दी जाती है। इमरजेंसी में एक दिन में 20 से 25 मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में इमरजेंसी में एक वार्ड बॉय से काम नहीं चल पाता है।

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Iअस्पताल में मरीज अधिक आते हैं। मरीजों के मुताबिक अस्पताल में स्टाफ नहीं है। हालांकि नए स्टाफ भर्ती करने के लिए बात चल रही है। - डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज, अस्पतालI
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