फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Doon-Delhi Expressway Special lights will be installed on elevated road wildlife safety owls not face problem

Delhi Dehradun Expressway: उल्लू को लगेगा अंधियारा...इंसान को दिखेगा उजियारा, लगेंगी 800 विशेष लेंस बेस्ड लाइट

Fri, 04 Apr 2025 01:20 PM IST
रेनू सकलानी अश्वनी त्रिपाठी, अमर उजाला, देहरादून
अश्वनी त्रिपाठी, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 04 Apr 2025 01:20 PM IST
सार

दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर खास लाइटें लगाई जाएंगी। केंद्र सरकार की अनुमति के बाद भारतीय वन्यजीव संस्थान ने इन विशेष लाइटों को तैयार कराया है।

विज्ञापन
Doon-Delhi Expressway Special lights will be installed on elevated road wildlife safety owls not face problem
दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे - फोटो : माई सिटी रिपोर्टर

विस्तार

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एलिवेटेड रोड बनाया गया है। इस एलिवेटेड रोड पर 800 विशेष लेंस बेस्ड वार्म लाइटें लगाई जाएंगी। पहली बार प्रयोग हुईं इन लाइटों से ऐसा पीला मध्यम प्रकाश निकलेगा, जो रात्रि में उल्लू को अंधेरे का अहसास कराएगा, जबकि वाहन चालकों को रास्ता दिखाई देगा।

विज्ञापन


इससे सड़क हादसों को रोकने के साथ ही जंगल में विचरण करने वाले उल्लू दल को भी संकट से बचाया जा सकेगा। केंद्र सरकार की अनुमति के बाद भारतीय वन्यजीव संस्थान ने इन विशेष लाइटों को तैयार कराया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे में उप्र के गणेशपुर से लेकर देहरादून के आशारोड़ी चेक पोस्ट तक की कुल दूरी कुल 20 किमी. है।
विज्ञापन


इसके मध्य में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किमी. का एलिवेटेड रोड बनाया गया है, ताकि इसके नीचे गलियारों से वन्यजीव आसानी से विचरण कर सकें। पिछले दिनों एनएचएआई ने एलिवेटेड रोड का सेफ्टी आडिट कराया। इसमें सामने आया कि एलिवेटेड रोड पर लाइट लगाना जरूरी है, प्रकाश नहीं होने की स्थिति में रात्रि में हादसों की संभावना बनी रहेगी। इस पर एनजीटी ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया। एनजीटी का तर्क था कि एलिवेटेड रोड पर लाइट लगाने से वनक्षेत्र में प्रकाश जाएगा, इससे वन्यजीवों को समस्या होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

इस बात का रखा ध्यान
प्रकाश होने पर रात्रिचर पक्षियों खासकर उल्लू के विचरण में बाधा पहुंचेगी। प्रकाश के कारण इर्द-गिर्द एकत्र होने वाले कीड़े मकोड़ों का शिकार करने के लिए उल्लू लाइट के आसपास पहुंचेंगे और वाहनों से टकराकर हादसों का शिकार हो जाएंगे, इसलिए लाइट लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: ऐश्वर्या की सक्रिय सियासी पारी का आगाज, बोलीं- हर जिम्मेदारी निभाउंगी, मां के सपने भी करुंगी पूरा

राजाजी उद्यान क्षेत्र में विचरण करती कई प्रजातियां : यह क्षेत्र राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का है। यहां पर कई प्रकार के उल्लू पाए जाते हैं, इसमें जंगली उल्लू, ब्राउन फिश उल्लू, इंडियन स्कॉप्स उल्लू, ओरिएंटल स्कॉप्स उल्लू और स्पॉटेड उल्लू शामिल हैं।



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed