{"_id":"6794eaa5bcc4bb7a58003b07","slug":"documentation-of-traditional-knowledge-and-science-is-extremely-important-vikas-nagar-news-c-39-1-vkn1004-118115-2025-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान का दस्तावेजीकरण बेहद जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान का दस्तावेजीकरण बेहद जरूरी
विज्ञापन
- कार्यशाला में खेती-किसानी को लेकर भी हुई चर्चा
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। रिपब्लिक फाउंडेशन सोसायटी व उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकॉस्ट के माध्यम से साहिया के सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय स्नातकोत्तर कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय कार्यशाला में पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण पर जोर दिया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने खेती-किसानी को लेकर भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए रंगकर्मी व लोक कलाकार डॉ. नंदलाल भारती ने कहा कि परंपराओं से संबंधित जानकारियों का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान महाबल सिंह नेगी ने बागवानी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उन्होंने फलों की विभिन्न प्रजातियों और उनके पौधों की रोपण संबंधी तकनीकों पर मार्गदर्शन दिया। अमर सिंह चौहान ने इस अवसर पर आयुर्वेदिक खेती व जड़ी-बूटी उत्पादन संबंधी जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर, आयोजक सचिव डॉ. शचि नेगी, महाविद्याल की प्राचार्य डॉ. रेणु गुप्ता, पंकज नेगी, शक्ति सिंह बर्तवाल, केशर सिंह तोमर, डॉ. रीना रांगड़, रिंकूदास भारती, प्रदीप कुमार, वरुण प्रसाद सेमवाल, डॉ. चंद्रिका, आशा सिंह, रेखा, रीता तोमर, गंभीर सिंह चौहान, रितेश चौहान आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। रिपब्लिक फाउंडेशन सोसायटी व उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकॉस्ट के माध्यम से साहिया के सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय स्नातकोत्तर कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय कार्यशाला में पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण पर जोर दिया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने खेती-किसानी को लेकर भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए रंगकर्मी व लोक कलाकार डॉ. नंदलाल भारती ने कहा कि परंपराओं से संबंधित जानकारियों का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान महाबल सिंह नेगी ने बागवानी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उन्होंने फलों की विभिन्न प्रजातियों और उनके पौधों की रोपण संबंधी तकनीकों पर मार्गदर्शन दिया। अमर सिंह चौहान ने इस अवसर पर आयुर्वेदिक खेती व जड़ी-बूटी उत्पादन संबंधी जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर, आयोजक सचिव डॉ. शचि नेगी, महाविद्याल की प्राचार्य डॉ. रेणु गुप्ता, पंकज नेगी, शक्ति सिंह बर्तवाल, केशर सिंह तोमर, डॉ. रीना रांगड़, रिंकूदास भारती, प्रदीप कुमार, वरुण प्रसाद सेमवाल, डॉ. चंद्रिका, आशा सिंह, रेखा, रीता तोमर, गंभीर सिंह चौहान, रितेश चौहान आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन