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परवान नहीं चढ़ी दक्षिण भारत से डॉक्टर लाने की योजना 

Tue, 22 Mar 2016 01:56 AM IST
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 22 Mar 2016 01:56 AM IST
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doctors from south india in uttarakhand.

दक्षिण भारत से डॉक्टर लाकर पहाड़ के अस्पतालों में तैनात करने की स्वास्थ्य विभाग की योजना फाइलों में कैद होकर रह गई है। कई माह की मशक्कत के बाद भी महकमे एक डॉक्टर तैनात नहीं कर पाया है। अभी तक विभागीय चयन बोर्ड को दक्षिण से पद भरने के लिए अधियाचन नहीं दिया गया।

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विभाग अब प्रदेश के नए एमबीबीएस पास आउट डॉक्टरों को रोकने की योजना तैयार की है। दूसरी ओर खाली डॉक्टरों के पद भरने के लिए तमिलनाडु के एक गैर सरकारी संगठन को ठेका देने की तैयारी की जा रही है। संगठन इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री समेत विभागीय उच्चाधिकारियों के सामने अपना प्रजेंटेशन भी दे चुका है।
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प्रदेश में चिकित्सकों के कुल 2699 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 1080 पर ही चिकित्सक तैनात हैं। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सकों का भारी टोटा है। सरकारी चिकित्सक पहाड़ के अस्पतालों में नौकरी करने को बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं। तमाम प्रोत्साहन योजनाओं के बावजूद यहां डॉक्टर पहुंचाना सरकार के लिए लोहे के चने चबाना सरीखा मुश्किल साबित हो रहा है।
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विभाग लंबे समय से 1619 पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए कवायद कर रहा है। हर सप्ताह वॉक इन इंटरव्यू और भर्ती की प्रक्रिया के बावजूद चिकित्सक नहीं मिले तो विभाग ने दक्षिण भारत से चिकित्सक लाने का दावा किया। इसकी कवायद शुरू हुई और दक्षिण भारत के समाचार पत्रों में विज्ञापन भी प्रकाशित किए गए। लेकिन कई माह बीतने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ भी इसके विरोध में है।

तमिलनाडु के एक एनजीओ को ठेका देने की योजना

doctors from south india in uttarakhand.

सूत्रों के अनुसार विभाग अब दक्षिण भारत के एकम फाउंडेशन को पहाड़ में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी देने की योजना पर विचार कर रहा है। एकम फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने महानिदेशालय में अपना प्रजेंटेशन भी दिया। जिसके बाद सचिव स्वास्थ्य भूपेंद्र कौर औलख से उनकी मुलाकात हुई।

बाद में स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के सामने भी उन्होंने अपना पूरा प्लान रखा। फाउंडेशन का प्रस्ताव देखकर डॉक्टरों की कमी दूर करने में फेल साबित हुए विभागीय अधिकारियों की बांछें खिल गई। सूत्रों के अनुसार विभाग के ज्यादातर अधिकारियों ने एनजीओ को काम देने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। 

मिले 145 डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग ने गढ़वाल और कुमाऊं के अतिदुर्गम और दुर्गम अस्पतालों में 145 चिकित्सकों की तैनाती की है। पिछले कुछ दिनों के दौरान ही इन नए एमबीबीएस पास आउट इन चिकित्सकों की तैनाती की प्रक्रिया हुई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल ने बताया कि 90 डॉक्टर कुमाऊं और 55 डॉक्टर गढ़वाल में तैनात किए गए हैं। 

क्या कहती हैं डीजी हेल्थ
दक्षिण भारत से चिकित्सक लाने की योजना हमारे लिए फ्रूटफुल नहीं रही है। हम अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। 145 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।
-डॉ. कुसुम नरियाल, स्वास्थ्य महानिदेशक

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