{"_id":"ae87690997517700a4e5f42da93571b4","slug":"doctors-don-t-job-in-two-cader","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाक्टरों को पहाड़ चढ़ाने के लिए होने लगी 'रस्साकस्सी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाक्टरों को पहाड़ चढ़ाने के लिए होने लगी 'रस्साकस्सी'
देहरादून/अरुणेश पठानिया
Updated Sun, 11 Aug 2013 10:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड सरकार की लाख कोशिसों के बाद भी डाक्टर पहाड़ चढ़ने को राजी नहीं हैं। पहाड के अस्पताल डाक्टरविहीन चल रहे हैं और जनता का स्वास्थ्य राम भरोसे। ऐसे में अब सरकार को भी इस विषय पर सोचना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पहाड़ के अलग-अलग हिस्सों से उठ रही डाक्टरों की मांग के सामने गद्दी डोलती देख अब कांग्रेस की बहुगुणा सरकार ने फिर से डाक्टरों को पहाड़ चढाने के लिए मंथन शुरु कर दिया है।
विज्ञापन
चिकित्सकों के दो कैडर होगें खत्म
अब राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं में चिकित्सकों के दो कैडर नहीं रहेंगे। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर राज्य में भी विशेषज्ञ और सामान्य संवर्ग के बदले एक ही कैडर होगा।
विज्ञापन
कैडर मर्ज होने से न केवल चिकित्सकों की कमी दूर करने में सहयोग मिलेगा, वहीं लंबे अरसे से पदोन्नति को लेकर चिकित्सकों की चल रही मांग भी पूरी हो पाएगी।
एमबीबीएस ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता
एक कैडर होने से अब डाक्टर के नए सृजित होने वाले पदों पर एमबीबीएस ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता रहेगी। डाक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग यूपी की तर्ज पर सामान्य और विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक कैडर बनाने का प्रस्ताव तैयार हो गया है।
शासन सोमवार तक प्रस्ताव को स्वास्थ्य मंत्री को अनुमोदन के लिए भेजेगा। तैयार प्रस्ताव पारित होने से स्थानांतरण को लेकर लंबे अरसे से चल रहे विवाद पर भी विराम लगेगा।
अलग-अलग पदों पर भेजने की दिक्कतें नहीं
राज्य की तैयार चिकित्सक स्थानांतरण नीति में सामान्य एवं विशेषज्ञ के लिए अलग-अलग पदों पर भेजने की दिक्कतें नहीं रहेगी। वहीं विभाग किसी भी डाक्टर की सेवाएं कहीं भी ले सकेगा। इसके साथ चिकित्सकों की पदोन्नती को लेकर डायनेमिक एश्योरड कैरियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) की मांग भी खत्म हो जाएगी।
विशेषज्ञ न सही एमबीबीएस ही मिलेंगे
दो कैडर होने का खामियाजा नियमित पदों को लोक सेवा आयोग से भरने के दौरान शासन को झेलना पड़ा है। लगभग तीन वर्ष लंबी प्रक्रिया के तहत 6 माह पूर्व 583 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद विज्ञाप्ति हुए लेकिन दर्जन भर डाक्टरों ने ज्वाइन किया।
अब सिंगल कैडर से आयोग को भेजे जाने वाले अध्याचन में विशेषज्ञ और सामान्य एमबीबीएस दोनों आवेदन कर सकेंगे, जिससे अगर विशेषज्ञ ही नहीं बल्कि सामान्य चिकित्सक भी ज्वाइन कर सकेंगे।