उत्तराखंड सरकार के इस फैसले से डॉक्टर होंगे खुश, आसान होगा प्रमोशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉक्टरों को डीएसीपी का लाभ देने का प्रस्ताव शासन ने तैयार कर वित्त को अनुमोदन के लिए भेज दिया है। डॉक्टरों के आंदोलन को देखते हुए संभवत: बुधवार को डीएसीपी का शासनादेश जारी हो जाएगा। डीएसीपी लागू करने के साथ सरकार ने चिकित्सकों का पहाड़ में निश्चित सेवाएं देने की व्यवस्था को भी बना दिया है। नई व्यवस्था में बिना पहाड़ चढ़े चिकित्सकों को पदोन्नति नहीं मिलेगी।
लंबे समय से चिकित्सक डायनेमिक एश्योरड कैरियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) की मांग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 से डीएसीपी लागू की थी, लेकिन उसका लाभ 1 जनवरी 2015 के बाद नियुक्त होने वाले चिकित्सकों को देने का शासनादेश जारी किया था।
पुराने चिकित्सकों को डीएसीपी का लाभ नहीं देने से संवर्ग में भारी नाराजगी थी। डीएसीपी के तहत 4, 8, 13 और 20 वर्ष की सेवाओं पर निश्चित पदोन्नति के लाभ के लिए चिकित्सकों ने आंदोलन भी किये। आखिर सरकार ने कैबिनेट से सभी चिकित्सकों को लाभ देने पर मुहर लगा दी।
अभी बिना पहाड़ चढ़े प्रमोशन नहीं
इसके बाद शासन स्तर पर लाभ देने की शर्तों पर मंथन चल रहा था, लेकिन चिकित्सक तुरंत शासनादेश जारी करने के लिए कार्यबहिष्कार पर उतर आए। अब जो प्रारूप शासन ने तय किया है उसके तहत बिना पहाड़ चढ़े डीएसीपी का लाभ नहीं मिल सकता है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने बताया कि प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
प्रस्तावित डीएसीपी
4 वर्ष की सेवा में 2 वर्ष की पर्वतीय सेवाएं अनिवार्य
8 वर्ष की सेवा में 5 वर्ष की पर्वतीय सेवाएं अनिवार्य
13 वर्ष की सेवा में 7 वर्ष की पर्वतीय सेवाएं अनिवार्य
20 वर्ष की सेवा में 9 वर्ष पर्वतीय सेवाएं अनिवार्य