पढ़िए, दून के किस कॉलोनी ने उड़ाया सबसे ज्यादा धुंआ
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पटाखों के धुएं और धमक की वजह से दिवाली के दिन वायु और ध्वनि प्रदूषण ने ‘लक्ष्मण रेखा’ पार कर दी। वायु प्रदूषण के मामले में नेहरू कॉलोनी नंबर एक पर रहा, रायपुर रोड नंबर दो और घंटाघर तीसरे स्थान पर रहा।
ध्वनि प्रदूषण सबसे अधिक आईएसबीटी क्षेत्र में रहा है। इसके बाद घंटाघर और किशननगर चौक पर ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने क्षेत्रीय अधिकारी एसएस राणा, वैज्ञानिक सहायक रवींद्र पुंडीर और एसएस चौहान की अगुवाई में बृहस्पतिवार को दीपावली के मौके पर सुबह छह बजे से शुक्रवार सुबह छह बजे तक विभिन्न स्थानों का वायु और ध्वनि प्रदूषण रिकार्ड किया।
इसके पहले बोर्ड की टीमों ने 15 अक्तूबर को प्रदूषण के आंकड़े जुटाए थे। जब दोनों आंकड़ों का मिलान किया गया तो पटाखे जलने के बाद इन क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का ग्राफ दो-तीन गुना से अधिक हो गया।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसएस राणा ने बताया कि नेहरू कॉलोनी क्षेत्र आवासीय है। आवासीय क्षेत्रों में पटाखे अधिक जलते हैं। इससे वहां आरएसपीएम की मात्रा अधिक रही। ध्वनि प्रदूषण भी आवासीय, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में सामान्य से अधिक रहा है।
आतिशबाजी से पहले और बाद में स्थिति
15 अक्तूबर को आरएसपीएम की स्थिति
नेहरू कॉलोनी - 131.52
घंटाघार - 104.25
रायपुर रोड - 126.01
आतिशबाजी के बाद
24 अक्तूबर को आरएसपीएम की स्थिति
नेहरू कॉलोनी - 333.69
घंटाघर - 218.12
रायपुर रोड - 307.01
आरएसपीएम की सामान्य स्थिति- 100
(नोट-माप माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर में)
ध्वनि प्रदूषण
नेहरू कॉलोनी-64.38, रेसकोर्स-64.16, प्रिंस चौक-69.59, दून अस्पताल-63.08, सीएमआई चौक-68.32, विधानसभा-67.60, बसंत विहार-63.89, किशननगर चौक-73, घंटाघर-74.62, सहारनपुर चौक-72.78, आईएसबीटी-74.81, गांधी पार्क-65.10, एफआरआई-55.21
(नोट- ध्वनि की माप डेसीबल में)
मानक सामान्य
औद्योगिक क्षेत्र
दिन- 75 डेसीबल
रात- 70 डेसीबल
वाणिज्यिक क्षेत्र
दिन- 65 डेसीबल
रात- 55 डेसीबल
आवासीय
दिन- 55 डेसीबल
रात- 45 डेसीबल