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सालों बाद कांग्रेस ने दी परिसीमन के विवाद को हवा

Mon, 06 Jul 2015 11:34 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 06 Jul 2015 11:34 AM IST
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dispute of delimitation In uttarakhand.

कांग्रेस ने सालों से दबे परिसीमन के विवाद को हवा दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने प्रदेश में विधानसभा और संसदीय सीटों को बढ़ाने की मांग की।

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किशोर के मुताबिक उन्होंने इसकेलिए मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, सांसदों, मंत्रियों और विधायकों को पत्र लिखा है। किशोर ने इसके साथ ही प्रदेश में विकास खंडों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की। रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब किशोर ने कहा कि प्रदेश में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या कम से कम 101 और संसदीय क्षेत्रों की संख्या कम से कम 11 होनी चाहिए।
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इसके साथ ही प्रदेश में विकास खंडों की संख्या में भी इजाफा होना चाहिए। प्रदेश की विधानसभा को चाहिए कि सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाए। 2001 के परिसीमन के दौरान भी यह मांग उठी थी। गठन के समय भी प्रदेश के साथ न्याय नहीं हो पाया था।
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किशोर ने कहा कि हिमालय राज्यों में  उत्तराखंड सबसे शांत प्रदेश है। उत्तराखंड ने प्रदेश में शांति का माहौल बनाकर रखा है। प्रदेश न आंतकवाद से प्रभावित है और न नक्सलवाद से। ऐसे में प्रदेश अगर ग्रीन बोनस की मांग कर रहा है तो उसे साथ में शांति बोनस भी दिया जाना चाहिए।


किशोर ने परिसीमन का मसला ऐसे समय में उठाया है जब कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। प्रेस वार्ता में कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी सहित अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे।

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