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उत्तराखंड में आपदा: विशाल और सुरेंद्र को खींच ले गई आफत, मामा के साथ ताऊ के घर सोने गया था...

Wed, 24 Aug 2022 11:02 AM IST
शाहरुख खान मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 24 Aug 2022 11:02 AM IST
सार

विशाल के पिता रमेश सिंह और मां सुनीता देवी बचाव कार्यों को देखते रहे। सुनीता घर के आंगन में गुमसुम बैठकर बचाव दलों को एकटक निहार रही थी। उन्हें एक उम्मीद थी कि उनका भाई सुरेंद्र, बेटा विशाल और अन्य लापता लोग मिल जाएंगे। 

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Disaster in Uttarakhand Disaster dragged Vishal and Surendra
गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरखेत में जहां पूरा मकान सैलाब की चपेट में आया उसमें बच्चा विशाल और उसके मामा सुरेंद्र घटना की रात सोने के लिए गए थे। मामा के साथ विशाल भी ताऊ के घर में गया था। जिससे विशाल के माता-पिता और बाकी सदस्य तो सुरक्षित बच गए, लेकिन सुरेंद्र व विशाल भी ताऊ के परिवार के तीन अन्य सदस्यों के साथ मलबे की चपेट में आ गए।
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मंगलवार को भी विशाल के पिता रमेश सिंह और मां सुनीता देवी बचाव कार्यों को देखते रहे। सुनीता घर के आंगन में गुमसुम बैठकर बचाव दलों को एकटक निहार रही थी। उन्हें एक उम्मीद थी कि उनका भाई सुरेंद्र, बेटा विशाल और अन्य लापता लोग मिल जाएंगे। 
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गांव की दूसरी महिलाएं सुनीता को सांत्वना दे रही थी। वहीं, रमेश भी कभी पत्नी को दिलासा देने घर आते तो अधिकतर वक्त बचाव दलों के साथ बड़ी उम्मीद के साथ मौजूद रहे। रमेश के ममेरे भाई रणजीत सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन घर में टिहरी जिले से करीबी रिश्तेदार आए हुए थे।
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सुरेंद्र सिंह को रमेश के दूसरे भाई दिनेश ने रिश्तेदारी में रात को अपने घर बुला लिया था। विशाल भी अपने मामा सुरेंद्र सिंह के साथ ताऊ के घर सोने चला गया था। रमेश का घर कुछ दूरी पर ऊपर था, वहां मलबा नहीं आया। 
 

रणजीत ने बताया कि शुरुआत में कम मलबा आ रहा था। दिनेश, जगमोहन और अन्य लोग बच्चों को लेकर दूसरी तरफ दौड़े। कुछ लोग सामान को निकालने की कोशिश करने लगे। तभी बड़े-बड़े बोल्डरों के साथ सैलाब आया और फिर सब कुछ जमीन में समा गया। 

विशाल के पिता रमेश ने बताया कि अब तक कुछ उम्मीद थी। खोदाई के बाद जिस तरह की स्थिति नजर आ रही है उससे अब उम्मीद टूटने लगी है। रुंधे गले से कहते हैं कि अब तो बस यही है कि लापता हुए परिवार के सदस्य जिस भी हालत में हो मिल जाएं।
 
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