डर्टी सिटी है दून, हम नहीं मंत्री जी कह रहे हैं
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दून डर्टी सिटी बन चुकी है... बदहाल सफाई व्यवस्था पर वन मंत्री ने यह टिप्पणी की थी। मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी बात जायज भी है। फिलहाल शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। मुख्य नगर अधिकारी के छुट्टी पर जाने से वार्डों में सुपरवाइजर काम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई जगह कूड़े के ढेर की शिकायत पार्षदों ने भी नगर निगम में की है।
पार्षदों की शिकायत है कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले वाहन नियमित रूप से वार्डों में नहीं पहुंच रहे हैं। कई क्षेत्र में ऐसे हैं जहां एक हफ्ते से कूड़ा नहीं उठा है। सबसे ज्यादा परेशानी धर्मपुर, मातावाला बाग, नेहरूकालोनी, पटेलनगर और जीएमएस रोड पर है। जीएमएस रोड पर सड़क किनारे रखे कूड़ेदान को कई-कई दिन खाली नहीं किया जाता।
मेयर ने दिया तीन दिन का समय
तीन दिन के भीतर सफाई व्यवस्था में सुधार न होने पर मेयर ने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। व्यवस्था को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी उन्होंने अपर मुख्य नगर अधिकारी कुश्म चौहान को सौंपी है।
शुक्रवार शाम मेयर विनोद चमोली ने अपर मुख्य नगर अधिकारी कुश्म चौहान, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरके सिंह, सफाई अनुभाग के कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को रोजाना सुबह शहर का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि लापरवाही पर सुपरवाइजर को निलंबित और सफाई कर्मचारियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए। वहीं, अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी गई। मेयर ने कहा कि सोमवार शाम फिर बैठक होगी और इससे पहले वे खुद शहर का जायजा लेंगे। अपर मुख्य नगर अधिकारी कुश्म चौहान ने बताया कि सुपरवाइजरों को सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।