37 और मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि, देहरादून में 599 पहुंची मरीजों की संख्या
देहरादून जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। जिले में 37 और मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इस तरह से जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों का आंकड़ा अब तक 599 पहुंच चुका है।
मंगलवार को दून अस्पताल की लैब से आई जांच रिपोर्ट में 38 मरीजों के सैंपल एलाइजा पॉजीटिव पाए गए। इनमें 21 पुरुष और 17 महिलाएं शामिल हैं। 37 मरीज दून और एक मरीज दूसरे जिले का है। इनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कुछ को ओपीडी से ही दवाएं देकर चिकित्सकों ने एहतियात और बचाव की सलाह दी है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी डेंगू से बचाव और जागरुकता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि मंगलवार को खुड़बुड़ा, रायपुर और वहां के आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। कूलर और टंकियां खाली कराकर पम्फलेट बांटे गए। साथ ही नगर निगम की ओर से फॉगिंग भी कराई गई।
निजी इंस्टीट्यूट के प्रशिक्षु भी कर रहे सेवा
डेंगू के मद्देनजर बढ़ी मरीजों की संख्या के चलते दून अस्पताल में स्टॉफ भी कम पड़ रहा है। दून अस्पताल प्रशासन ने चंदरनगर स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज में बीएससी और एमएससी को गई छह स्टाफ नर्स को भी वापस बुला लिया है। साथ ही विभिन्न निजी पैरामेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु भी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं।
लार्वा मिलने पर आठ का चालान
नगर निगम की टीम ने मंगलवार को रायपुर क्षेत्र में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लार्वा मिलने पर आठ का चालान काटा गया। साथ ही दो हजार रुपये अर्थदंड वसूला। इसके अलावा गंदगी फैला रही 13 डेयरियों के संचालकों का भी चालान काटा गया। उनसे 16 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी ने बताया कि अभियान जारी रखा जाएगा। कार्रवाई करने वालों में इंस्पेक्टर मनोज कुमार, राजबीर सिंह, राजेश पवार, विश्वनाथ चौहान शामिल रहे।
एसएमआई अस्पताल ने लगाए 100 अतिरिक्त बेड
शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए पटेलनगर स्थित श्री महंत इन्दिरेश (एसएमआई) अस्पताल प्रबंधन ने 100 नए बेड की व्यवस्था की है। अस्पताल में डेंगू संबंधित मामलों पर नजर रखने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। मेडिसिन विभाग के डॉ. राजेंद्र कुमार को डेंगू का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इससे पूर्व अस्पताल में 20 बेड का एक वार्ड डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित रखा गया था।
मंगलवार को अस्पताल में आयोजित प्रेसवार्ता में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय राय ने कहा कि डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते कुछ मरीजों को अन्य अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं। अस्पताल में पांच आईसीयू बेड भी आरक्षित कर दिए गए हैं। मेडिसिन विभाग व ब्लड बैंक अधिकारियों को प्रत्येक डेंगू मरीज को आवश्यकता पड़ने पर बेड व प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने की आवश्यक तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल की सर्टिफाइड सेंट्रल लैब में अतिशीघ्र जांच की व्यवस्था 24 घंटे उपलब्ध है। प्रेसवार्ता में मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अमित वर्मा, अस्पताल के डेंगू नोडल अधिकारी राजेंद कुमार व ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. गौरव रतूड़ी भी मौजूद रहे।
भ्रांतियों में न पड़ें, कुशल डॉक्टर को दिखाएं
डॉ. विनय राय ने कहा कि डेंगू को लेकर मरीज घबराएं नहीं और न ही आतंकित हों। किसी भी मरीज में डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर कुशल चिकित्सक से परामर्श लें और मरीज का संपूर्ण उपचार कराएं।
डेंगू मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स घटने को लेकर समाज में विभिन्न भ्रांतियां भी हैं। आमजन को भ्रांतियों से बचना चाहिए। किसी भी सामान्य फ्लू की तरह डेंगू का उपचार भी संभव है। बशर्ते कुशल चिकित्सक की देखरेख में समय से मरीज का इलाज शुरू हो जाए।
गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल में चालू हुई एलाइजा रीडर मशीन
स्वास्थ्य सचिव और जिलाधिकारी के निर्देश के बाद आखिरकार गांधी शताब्दी और कोरोनशन अस्पताल में एलाइजा रीडर मशीन लग गई है। बुधवार से यहां एलाइजा जांच शुरू हो जाएगी। इससे डेंगू पीड़ित मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही दून अस्पताल पर भी दबाव कम होगा। शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में डेंगू खतरनाक रूप ले चुका है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम डेंगू पर रोकथाम के हरसंभव प्रयास के दावे कर रहे हैं। इसके बावजूद न तो डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर पर रोकथाम लग पा रही है और न ही डेंगू का प्रकोप कम हो रहा है। इससे सरकारी अस्पतालों में भी मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। एकमात्र सरकारी अस्पताल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की लैब में एलाइजा जांच की सुविधा होने के कारण वहां पर सैंपल की भीड़ लग जा रही है। जांच रिपोर्ट के लिए भी मरीजों को ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है।
23 अगस्त को जिलाधिकारी सी. रविशंकर और 24 अगस्त को सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने दून, कोरोनेशन और प्रीतम रोड स्थित गांधी शताब्दी अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इन अधिकारियों ने गांधी शताब्दी, कोरोनेशन और रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी एलाइजा रीडर मशीन लगाने के निर्देश दिए थे। गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि मंगलवार से दोनों अस्पतालों में जरूरत के हिसाब से एलाइजा जांच शुरू कर दी जाएगी। देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि डेंगू की रोकथाम और उपचार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी एलाइजा रीडर मशीन लगाई जाएगी।
निजी अस्पतालों के सैंपल भी भेजेंगे गांधी शताब्दी अस्पताल
दून अस्पताल में रोजाना औसतन 330 मरीजों की एलाइजा जांच की जा रही है। इसमें लगभग 80 ऐसे सैंपल हैं जो निजी अस्पतालों से री-टेस्ट के लिए आ रहे हैं। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर ऐसे सैंपल को गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल भेजने के लिए पत्र लिखा है।