{"_id":"6649464d2fe00f76d207d844","slug":"demonstration-of-colleagues-after-death-of-medical-student-dehradun-news-c-5-1-drn1046-416522-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: मेडिकल छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद साथियों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: मेडिकल छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद साथियों का प्रदर्शन
विज्ञापन
एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में पीजी के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शनिवार को साथी छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर कई आरोप लगाए। उधर, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन इसे आत्महत्या मान रहा है, जिसका कारण पारिवारिक समस्या बताया जा रहा है। छात्र के परिजन उनके शव को हरियाणा ले गए हैं।
एसएचओ पटेलनगर कमल कुमार लुंठी ने बताया है कि एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात एमडी (बाल रोग) प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्र दिवेश गर्ग पुत्र रमेश चंद्र निवासी पीपल वाली गली ताली मंडी होटल जिला पलवल हरियाणा ने विषाक्त पदार्थ खा लिया था। इससे पहले उसकी तबीयत खराब होने पर उसे श्रीमहंत इनिदरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिल पाई है। शनिवार को छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रबंधन पर शोषण के आरोप लगाए, लेकिन प्राचार्य ने इन आरोपों का खंडन किया।
विज्ञापन
पिता के पास शुक्रवार रात 9.40 बजे आया था फोन
दिवेश के पिता रमेश गर्ग ने बताया कि रात करीब 9.40 बजे कॉलेज से उन्हें बेटे की तबीयत खराब होने का कॉल आया था। रात 10.30 बजे जब उन्होंने वापस कॉल किया तो बताया गया कि शव मोर्चरी में रखवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बेटे के पास से सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। यह भी साफ नहीं है कि उसने सुसाइड कैसे और क्यों की।
पारिवारिक कारणों से परेशान था छात्र : प्राचार्य
श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज प्रबंधन ने छात्र की मौत पर दुख जताया। प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि परिजनों और छात्र के सहयोगियों से बातचीत में पता चला है कि वह पारिवारिक कारणों से भी परेशान था। उन्होंने दावा किया कि परिजनों के दबाव में छात्र ने पीजी में प्रवेश लिया। इससे पहले वह हरियाणा सरकार में प्राइमरी हेल्थ सेंटर में कार्यरत था। छात्र पीजी करने का इच्छुक नहीं था। उन्होंने कहा कि कॉलेज का संचालन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की गाइडलाइन के अनुसार किया जाता है। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी प्रसारित कर कॉलेज की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
एसएचओ पटेलनगर कमल कुमार लुंठी ने बताया है कि एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात एमडी (बाल रोग) प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्र दिवेश गर्ग पुत्र रमेश चंद्र निवासी पीपल वाली गली ताली मंडी होटल जिला पलवल हरियाणा ने विषाक्त पदार्थ खा लिया था। इससे पहले उसकी तबीयत खराब होने पर उसे श्रीमहंत इनिदरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिल पाई है। शनिवार को छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रबंधन पर शोषण के आरोप लगाए, लेकिन प्राचार्य ने इन आरोपों का खंडन किया।
विज्ञापन
पिता के पास शुक्रवार रात 9.40 बजे आया था फोन
दिवेश के पिता रमेश गर्ग ने बताया कि रात करीब 9.40 बजे कॉलेज से उन्हें बेटे की तबीयत खराब होने का कॉल आया था। रात 10.30 बजे जब उन्होंने वापस कॉल किया तो बताया गया कि शव मोर्चरी में रखवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बेटे के पास से सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। यह भी साफ नहीं है कि उसने सुसाइड कैसे और क्यों की।
पारिवारिक कारणों से परेशान था छात्र : प्राचार्य
श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज प्रबंधन ने छात्र की मौत पर दुख जताया। प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि परिजनों और छात्र के सहयोगियों से बातचीत में पता चला है कि वह पारिवारिक कारणों से भी परेशान था। उन्होंने दावा किया कि परिजनों के दबाव में छात्र ने पीजी में प्रवेश लिया। इससे पहले वह हरियाणा सरकार में प्राइमरी हेल्थ सेंटर में कार्यरत था। छात्र पीजी करने का इच्छुक नहीं था। उन्होंने कहा कि कॉलेज का संचालन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की गाइडलाइन के अनुसार किया जाता है। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी प्रसारित कर कॉलेज की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।