Delhi-Dehradun Expressway: एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा दून-पांवटा हाईवे, 12 मिनट में तय होगी 12 किमी की दूरी
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) उत्तराखंड में दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और दून-पांवटा फोरलेन हाईवे पर काम कर रहा है। दो हाईवे को आपस में जोड़ने के लिए 12.17 किमी नई ग्रीन फील्ड रोड के लिए एनएचएआई टेंडर जारी कर दिए हैं।
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राजधानी देहरादून में वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसके तहत प्रेमनगर के झाझरा से आशारोड़ी चेक पोस्ट तक नई ग्रीन फील्ड रोड पर शीघ्र कार्य शुरू होने जा रहा है। 12 किमी के चार लेन हाईवे के बन जाने से यह दूरी 12 मिनट में पूरी हो सकेगी। केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही परियोजना के लिए 716 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) उत्तराखंड में दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और दून-पांवटा फोरलेन हाईवे पर काम कर रहा है। दो हाईवे को आपस में जोड़ने के लिए 12.17 किमी नई ग्रीन फील्ड रोड के लिए एनएचएआई टेंडर जारी कर दिए हैं। एक-दो माह में टेंडर फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद अगले तीन से चार माह में परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए देहरादून के छह गांवों की 44 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसकी एवज में 120 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा गया है।
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यह सड़क देहरादून के लिए बाईपास की तरह काम करेगी। जिससे शहर में भीड़भाड़ के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी। आशारोड़ी से दिल्ली की तरफ से आने वाला ट्रैफिक, जिसे चकराता, पांवटा, विकासनगर, मसूरी या धनोल्टी जाना है, वह इस सड़क की तरफ मुड़ जाएगा। इसी तरह से इन स्थानों से दिल्ली की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को देहरादून शहर से नहीं गुजरना होगा। लोग झाझरा से सीधे आशारोड़ी पहुंच सकेंगे। इससे ईंधन और धन दोनों की बचत होगी।
फिलहाल भूमि के मुआवजे का वितरण शुरू किया जा चुका है। प्रस्तावित सड़क आशारोड़ी में आरटीओ चेकपोस्ट के पास से शुरू होगी और ग्रामीण आबादी क्षेत्र से होकर झाझरा में देहरादून-पांवटा साहिब राजमार्ग पर मिलेगी।
परियोजना के तहत छह किमी सड़क के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जबकि छह किमी सड़क वन भूमि पर बनेगी। वन भूमि हस्तांतरण की प्रारंभिक स्वीकृति मिल चुकी है। शीघ्र ही फाइनल स्वीकृति भी मिल जाएगी। परियोजना के तहत सड़क के दोनाें तरफ सर्विस लेन भी बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय आबादी को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। अगले तीन से चार माह में परियोजना पर धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा। यह सड़क एक तरह से देहरादून शहर के लिए बाईपास का काम करेगी।
- पंकज मौर्य, एनएचएआई के परियोजना निदेशक