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जंगलों में आग रोकने को लेकर अभी से ही फायर प्लान तैयार करने में जुटे विभागीय अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
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देहरादून
वैसे तो अभी फायर सीजन शुरू होने में काफी लंबा वक्त है। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों को अभी से ही फायर सीजन के दौरान जंगलों में लगने वाली आग को लेकर चिंता सताने लगी है। यही वजह है कि अभी से ही विभागीय अधिकारी फायर सीजन को लेकर प्लान तैयार करने जुट गए हैं। प्रभागीय वन अधिकारी ने सभी वन क्षेत्राधिकारियों से उनके इलाकों में वनाग्नि के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की जानकारी देने के साथ ही फायर लाइन बनाने व उपकरणों की खरीद को लेकर बजट से संबंधित आंकड़े भी मांगे हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि वैसे तो फायर सीजन 15 फरवरी से शुरू होता है। लेकिन फायर सीजन शुरू होने से पहले ही फायर प्लान तैयार किया जाता है। जिसके तहत वन क्षेत्रों में फायर लाइन बनाने के साथ ही जरूरी उपकरणों की खरीद को लेकर कवायद की जाती है। प्रभागीय वन अधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि आगामी फायर सीजन के दौरान जंगलों को आग से बचाया जा सके इसके लिए वन क्षेत्राधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उन इलाकों को चिन्हित करें जहां आग लगने की सबसे अधिक संभावनाएं होती हैं। और इन इलाकों में अधिक से अधिक फायर लाइन बनाने के साथ ही उपकरणों की आवश्यकता होती है। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि सभी वन क्षेत्राधिकारियों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत फायर प्लान तैयार किया जाएगा। जिसे अनुमोदन के लिए वन मुख्यालय भेजा जाएगा।
बता दें कि पिछले फायर सीजन के दौरान मौसम में आए बदलाव के चलते समय समय पर हुई बारिश के चलते आज की जंगलों में आग लगने की घटनाएं बहुत कम हुई थी। जबकि साल 2019 में आग लगने की 4000 से अधिक घटनाएं हुई थी जिनमें हजारों हेक्टेयर जंगल खाक होने के साथ ही लाखों रुपए की वन संपदा का नुकसान हुआ था।
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