फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dehradun vidhan sabha election.

उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान की ओर बढ़ी कांग्रेस

Mon, 25 Jan 2016 04:08 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 25 Jan 2016 04:08 PM IST
विज्ञापन
dehradun vidhan sabha election.

देहरादून की चार विधानसभा सीटों पर इस बार कांग्रेस के कई दिग्गज पहाड़ से मैदान पर नजर लगाए हैं। जो वर्ष 2017 के चुनाव के लिए इन सीटों से दावेदारी कर सकते हैं और इन दिनों इसी गुणा भाग में लगे हैं। इसकी खास वजह यह भी है कि इन सीटों से कांग्रेस प्रत्याशी को विधानसभा सदन तक पहुंचने के लिए पार्टी को किसी बड़े चेहरे की तलाश है।

विज्ञापन


दून की दस विधानसभा सीटों में सहसपुर सीट पर कांग्रेस को पिछले दो विधानसभा चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा है। वर्ष 2002 पर साधुराम कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद वर्ष 2002 के बाद से कांग्रेस इस सीट पर हारती आ रही है।
विज्ञापन


ऐसे में इस सीट पर इस बार कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत की भी नजर है। जो रुद्रप्रयाग छोड़कर इस सीट से दावेदारी कर सकते हैं। वैसे भी कृषि मंत्री हरक सिंह पिछले विस चुनाव में डोईवाला से टिकट चाहते थे, लेकिन बाद में उन्हें पहाड़ चढ़ा दिया गया। ऋषिकेश विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस को इस बार किसी बड़े चेहरे की तलाश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नरेंद्र नगर के विधायक सुबोध उनियाल इस बार ऋषिकेश से दावेदारी कर सकते हैं। पार्टी में इस सीट से एक और नाम सामने आ रहा है। बताया गया है कि खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी यहां से मैदान में उतर सकते हैं। जबकि डोईवाला और मसूरी से भी कांग्रेस के कुछ दिग्गज ताल ठोक रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में डोईवाला सीट से मुख्यमंत्री की बेटी अनुपमा भी टिकट चाहती थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया।

वहीं इस बार मसूरी सीट पर मुख्यमंत्री के बेटे एवं कांग्रेस प्रदेश महासचिव आनंद रावत की सक्रियता को देखते हुए पार्टी के कुछ लोगों का मानना है कि आनंद इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें मसूरी से कांग्रेस लगातार वर्ष 2002 और फिर 2012 में चुनाव हार चुकी है।


जिन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को ऐसा लगाता है कि यहां जीत के लिए पहाड़ से कुछ दिग्गज उतारे जाने की जरूरत है निश्चित तौर पर उन सीटों पर पार्टी चुनाव मैदान में इस तरह के प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है। हार-जीत के आंकलन के लिए सर्वे के बाद ही यह सब तय किया जाएगा कि कहां से किसे मैदान में उतारना है।
- गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed