देहरादूनः विद्युत टैरिफ को लेकर उग्र हुए कर्मचारी, डायरेक्टर के कमरे में की तोड़फोड़
- एमडी और डायरेक्टरों से जमकर हुई नोक-झोंक, जबरन कमरों से निकाले
- कर्मचारियों का आरोप- तीनों निगमों के एमडी और डायरेक्टर कर्मचारियों के हितों से कर रहे खिलवाड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्मचारियों को रियायती दरों पर मिलने वाली बिजली की दरों में की गई कटौती को लेकर तीनों ऊर्जा निगमों के कर्मचारी उग्र हो गए हैं। शनिवार को कर्मचारियों ने यूपीसीएल मुख्यालय में धरना दिया और तीनों निगमों में एमडी और डायरेक्टरों को जबरन उनके कमरों से बाहर निकाल दिया। इस बीच कर्मचारियों की एमडी पिटकुल और यूपीसीएल के साथ ही डायरेक्टरों के साथ नोक-झोंक भी हुई।
इस दौरान कर्मचारियों ने यूपीसीएल के डायरेक्टर फाइनेंस के कमरे में तोड़फोड़ भी की। कर्मचारियों का आरोप है कि तीनों निगमों के एमडी और डायरेक्टर कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और कर्मचारियों के खिलाफ फैसला ले रहे हैं। चेतावनी दी कि समझौते के अनुरूप अगर कर्मचारियों के लिए टैरिफ जारी नहीं किया तो कर्मचारी किसी को भी अपनी सीट पर नहीं बैठने देंगे।
कर्मचारियों को रियायती दरों पर मिलने वाली बिजली को लेकर हाईकोर्ट में दायर एक याचिका के बाद हाईकोर्ट ने यूपीसीएल को रियायती दरों पर मिलने वाली बिजली को लेकर जवाब मांगा है। बुधवार को सचिव ऊर्जा राधिका झा की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें कर्मचारियों को मिलनी वाली सुविधा में भारी कटौती का प्रस्ताव पास किया गया है।
कटौती की खबर मिलते ही कर्मचारी भड़क गए। शुक्रवार को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले तीनों निगमों के कर्मचारियों ने ऊर्जा निगम मुख्यालय में धरना देने के बाद शनिवार को आंदोलन उग्र कर दिया।
कर्मचारी प्रबंध निदेशक के दफ्तर में घुस गए और वहीं बैठ गए
यूपीसीएल मुख्यालय में एकत्रित होने के बाद जैसे ही निगम के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा वहां पहुंचे तो पहले तो कर्मचारियों ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। काफी बहस होने के बाद जैसे ही प्रबंध निदेशक अपने दफ्तर पहुंचे तो कर्मचारी दफ्तर में घुस गए और वहीं बैठ गए।
इसके बाद कर्मचारियों ने प्रबंध निदेशक को उनके कमरे से जबरन बाहर कर दिया। एमडी को कमरे से बाहर करने के बाद कर्मचारी सभी डायरेक्टरों के कमरों में गए और उन्हें भी वहां से जबरन बाहर निकाल दिया। डायरेक्टर फाइनेंस के साथ तो कर्मचारियों की जमकर नोक-झोंक हुई। कर्मचारियों ने उनके कमरे में तोड़फोड़ भी की और दरवाजा तोड़ दिया।
ऊर्जा निगम में एमडी और डायरेक्टरों को कमरे से निकालने के बाद कर्मचारी यूजेवीएनएल पहुंचे। वहां एमडी को नहीं थे लेकिन कुछ डायरेक्टर अपने कमरों में काम कर रहे थे, उन्हें भी कर्मचारियों ने जबरन बाहर निकाल दिया। अंत में कर्मचारी पिटकुल पहुंचे और वहां डायरेक्टरों के बाहर निकालकर एमडी के कमरे में पहुंचे और उन्हें भी कमरे से बाहर आने के लिए कहा।
इस बीच कर्मचारियों और एमडी पिटकुल के बीच काफी बहस भी हुई। बाद में एमडी बाहर निकल गए। जिसके बाद कर्मचारी वापस लौट गए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि तीनों निगमों के डायरेक्टर, एमडी बाहर के डायरेक्टरों के दबाव में काम रहे हैं और लगातार कर्मचारी के हितों से खिलवाड़ वाले फैसले ले रहे हैं। इस दौरान मोर्चे के संयोजक इंसारुल हक, राकेश शर्मा, विनोद कवि, वाईएस तोमर, जीएन कोठियाल, प्रदीप कंसल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।