आंतकी हमले में दून का लाल शहीद, अंतिम संस्कार आज
- आज राजकीय सम्मान के साथ जवान महेश गुरुंग का किया जाएगा अंतिम संस्कार
- रविवार रात पेट्रोलिंग के दौरान हो गए थे शहीद
- राजनीतिक दलों के लोग पहुंचे श्रद्धांजलि देने
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मणिपुर के चंदेल जिले क्षेत्र में पेट्रोलिंग के दौरान रविवार को आतंकी हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के जवान महेश गुरुंग का पार्थिव शरीर मंगलवार को पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ दून लाया गया।
बुधवार सुबह करीब नौ बजे उनके पार्थिव शरीर को एमएच अस्पताल से उनके आवास दौड़वाला मोथरोवाला में लाया जाएगा। अंतिम संस्कार बुधवार करीब 12 बजे हरिद्वार में किया जाएगा। इधर मंगलवार सुबह से ही शहीद महेश गुरुंग के घर परिजनों को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचे।
असम राइफल्स के 21 बटालियन के हवलदार महेश गुरुंग (42) पुत्र स्व. सुंदर गुरुंग का पूरा परिवार क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र वार्ड नंबर छह दौड़वाला मथोरोवाला में रहता है। गुरुंग पिछले महीने ही छुट्टी बिताकर घर से ड्यूटी के लिए गए थे। ड्यूटी के दौरान रविवार को वह आतंकी हमले में शहीद हो गए। सोमवार तड़के घरवालों को इसकी सूचना मिली, सूचना मिलते ही घर और पड़ोस में मातम छा गया।
मंगलवार को नहीं हो सका शहीद का अंतिम संस्कार
मंगलवार सुबह महेश गुरुंग का पार्थिव शरीर मणिपुर से उनके आवास पर पहुंचना था। इसी वजह से परिजनों ने उनके अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी कर ली। पर शहीद का पार्थिव शरीर देर शाम दून लाया गया, इसकी वजह से अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। शहीद महेश गुरुंग चार भाई थे। बड़ा भाई पोपु गुरुंग, दूसरा भाई रमेश गुरुंग, तीसरा भाई सुरेश गुरुंग और शहीद महेश गुरुंग सबसे छोटे थे। शहीद महेश अपने पीछे पत्नी सीमा गुरुंग और 11 साल के बेटे और एक दिन की नवजात बेटी को छोड़ गए हैं।
पढ़ाई के दौरान लग गयी थी नौकरी
महेश गुरुंग अपने पिता सुंदर गुरुंग और भाइयों के पदचिह्नों पर चलते हुए सेना में जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने नौवीं कक्षा से ही तैयारी शुरू कर दी थी। बताया जा रहा है कि एसजीआरआर से इंटर करने के दौरान शहीद महेश गुरुंग की नौकरी असम राइफल्स में लग गई थी। पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
पूरा परिवार देशभक्ति के रंग में रंगा
गुरुंग के परिवार में एक नहीं बल्कि चार-चार लोग फौज में रहे। पिता सुंदर गुरुंग भी सेना में थे। बड़ा भाई पोपु गुरुंग आर्मी से रिटायर्ड हैं, जबकि तीसरे नंबर का भाई सुरेश गुरुंग अभी सेना में कार्यरत हैं।
परिवार को दी सांत्वना
इस भयानक दुख की घड़ी में शहीद महेश गुरुंग के परिवार के साथ मैं और पूरा राज्य खड़ा है।
-रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व सीएम व सांसद
शहीद महेश गुरुंग हमारे क्षेत्र के हैं। उनके परिवार से लगाव है। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ सभी लोग खड़े हैं।
-महेश पांडेय, भाजपा नेता
शहीद महेश गुरुंग का आज अंतिम संस्कार है, इस दुख की घड़ी में क्षेत्रवासी पूरे परिवार के साथ हैं।
-सुनील उपाध्याय, उपाध्यक्ष क्लेमेंटटाउन छावनी