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देहरादून स्मार्ट सिटी : शहर में लीकेज के कारण अब नहीं होगा पानी बर्बाद, मिलेगा भरपूर पानी
Fri, 16 Apr 2021 12:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
हरीश कंडारी , अमर उजाला, देहरादून
हरीश कंडारी , अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 16 Apr 2021 12:31 PM IST
सार
स्मार्ट सिटी के तहत जलसंस्थान की वर्षों पुरानी सीमेंट की लाइनें बदलने का काम शुरू, अधिकतर लाइनों को बदलने का काम पूरा, रोज होता था लाखों लीटर पानी की बर्बादी
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लोगों को भरपूर और साफ पानी भी मिलेगा
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
देहरादून शहर में हो रही पानी की बर्बादी अब काफी हद तक रुकेगी। साथ ही शहरी क्षेत्र में लोगों को भरपूर और साफ पानी भी मिलेगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी के तहत जलसंस्थान की वर्षों पुरानी सीमेंट की पेयजल लाइनों को बदलने का काम शुरू हो चुका है। शहर के अधिकतर इलाकों में बाकायदा स्मार्ट सिटी विभाग ने लाइनों को बदलने का काम पूरा भी कर लिया है।
जलसंस्थान की शहर में वर्षों पुरानी सीमेंट की पेयजल लाइनें पड़ी हुई हैं, जो जगह-जगह लीक कर रही हैं। इसके कारण हर दिन लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। पुरानी लाइनें होने के कारण नेहरू कॉलोनी आई ब्लॉक के दो ट्यूबवेल्स और संजय कॉलोनी के एक ट्यूबवेल का पानी पूरी तरह से सर्वे चौक तक नहीं पहुंच पाता था। दरअसल इन ट्यूबवेल्स से करीब 7 हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) पानी सर्वे चौक के लिए भेजा जाता है, लेकिन 30 साल पुरानी सीमेंट की लाइन होने की वजह से करीब 4 हजार एलपीएम पानी ही यहां तक पहुंच पाता है।
वहीं, तिब्बती मार्केट के पास की लाइन से पानी कई इलाकों में जाता है, लेकिन यहां भी जगह-जगह लीकेज होने की वजह से 1 हजार एलपीएम से अधिक पानी की बर्बादी हो जाती है। लेकिन, अब यह समस्या नहीं रहेगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इन सीमेंट की लाइनों को बदलकर लोहे की नई लाइनें बिछाई जा रही हैं। स्मार्ट सिटी विभाग ने इनमें से अधिकतर लाइनों को बदलने का काम पूरा कर लिया है। जल्द ही इन लाइनों से जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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इन पुरानी लाइनों को बदला जा रहा है
- नेहरू कॉलोनी से बलबीर, परेड ग्राउंड मेन राइजिंग लाइन
- नगर निगम से आराघर
- परेड ग्राउंड से पलटन बाजार, एमकेपी चौक, करनपुर, लूनिया मोहल्ला
- दून चौक से संबंधित क्षेत्र
- ईसी रोड, नैनी बेकरी से आराघर
जल संस्थान लंबे समय से कर रहा था प्रयास
जल संस्थान की ओर से लंबे समय से ये प्रयास किया जा रहा था कि इन लीकेज वाली सीमेंट की पुरानी लाइनों को बदला जा सके। इसके लिए जलसंस्थान की ओर से एडीबी को भी प्रपोजल दिया था, लेकिन एडीबी की ओर से इन लाइनों का प्रपोजल स्वीकृत नहीं किया था। जबकि अधिकतर क्षतिग्रस्त इन लाइनों को बदलने की बेहद जरूरत है। जल संस्थान की ओर से अलग से भी बजट की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया जो कि सफल नहीं रहा।
पुरानी लाइनों के कारण जो पानी की बर्बादी और कम पानी मिल रहा था, उसकी दिक्कत अब दूर हो जाएगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पुरानी लाइनों को बदला जा रहा है। जल्द ही शहर पानी की जो दिक्कत हो रही थी वह दूर हो जाएगी।
- आशीष भट्ट, ईई, जल संस्थान साउथ जोन
अधिकतर लाइनों को बदल दिया गया है। पलटन बाजार और करनपुर क्षेत्र में कुछ लाइनों को बदलने का काम चल रहा है। साथ ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 206 ट्यूबवेलों को भी अपग्रेड किया जा रहा है।
- पवन कुमार गोयल, एजीएम वाटर वर्क्स, स्मार्ट सिटी विभाग
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जलसंस्थान की शहर में वर्षों पुरानी सीमेंट की पेयजल लाइनें पड़ी हुई हैं, जो जगह-जगह लीक कर रही हैं। इसके कारण हर दिन लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। पुरानी लाइनें होने के कारण नेहरू कॉलोनी आई ब्लॉक के दो ट्यूबवेल्स और संजय कॉलोनी के एक ट्यूबवेल का पानी पूरी तरह से सर्वे चौक तक नहीं पहुंच पाता था। दरअसल इन ट्यूबवेल्स से करीब 7 हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) पानी सर्वे चौक के लिए भेजा जाता है, लेकिन 30 साल पुरानी सीमेंट की लाइन होने की वजह से करीब 4 हजार एलपीएम पानी ही यहां तक पहुंच पाता है।
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वहीं, तिब्बती मार्केट के पास की लाइन से पानी कई इलाकों में जाता है, लेकिन यहां भी जगह-जगह लीकेज होने की वजह से 1 हजार एलपीएम से अधिक पानी की बर्बादी हो जाती है। लेकिन, अब यह समस्या नहीं रहेगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इन सीमेंट की लाइनों को बदलकर लोहे की नई लाइनें बिछाई जा रही हैं। स्मार्ट सिटी विभाग ने इनमें से अधिकतर लाइनों को बदलने का काम पूरा कर लिया है। जल्द ही इन लाइनों से जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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इन पुरानी लाइनों को बदला जा रहा है
- नेहरू कॉलोनी से बलबीर, परेड ग्राउंड मेन राइजिंग लाइन
- नगर निगम से आराघर
- परेड ग्राउंड से पलटन बाजार, एमकेपी चौक, करनपुर, लूनिया मोहल्ला
- दून चौक से संबंधित क्षेत्र
- ईसी रोड, नैनी बेकरी से आराघर
जल संस्थान लंबे समय से कर रहा था प्रयास
जल संस्थान की ओर से लंबे समय से ये प्रयास किया जा रहा था कि इन लीकेज वाली सीमेंट की पुरानी लाइनों को बदला जा सके। इसके लिए जलसंस्थान की ओर से एडीबी को भी प्रपोजल दिया था, लेकिन एडीबी की ओर से इन लाइनों का प्रपोजल स्वीकृत नहीं किया था। जबकि अधिकतर क्षतिग्रस्त इन लाइनों को बदलने की बेहद जरूरत है। जल संस्थान की ओर से अलग से भी बजट की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया जो कि सफल नहीं रहा।
पुरानी लाइनों के कारण जो पानी की बर्बादी और कम पानी मिल रहा था, उसकी दिक्कत अब दूर हो जाएगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पुरानी लाइनों को बदला जा रहा है। जल्द ही शहर पानी की जो दिक्कत हो रही थी वह दूर हो जाएगी।
- आशीष भट्ट, ईई, जल संस्थान साउथ जोन
अधिकतर लाइनों को बदल दिया गया है। पलटन बाजार और करनपुर क्षेत्र में कुछ लाइनों को बदलने का काम चल रहा है। साथ ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 206 ट्यूबवेलों को भी अपग्रेड किया जा रहा है।
- पवन कुमार गोयल, एजीएम वाटर वर्क्स, स्मार्ट सिटी विभाग