{"_id":"326c7900070ced8cdfa3cd7c96ed7eea","slug":"dehradun-roli-google-asia-pacific-manager-hindi-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गूगल सर्च की ‘इंजन’ है उत्तराखंड की रोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गूगल सर्च की ‘इंजन’ है उत्तराखंड की रोली
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Oct 2014 03:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून की बेटी रोली अग्रवाल ने एकदम अलग राह चुनी। टॉप स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करने के बाद आज रोली गूगल की एशिया पैसिफिक मैनजर है।
विज्ञापन
तकरीबन 5-6 साल पहले पति के साथ सिंगापुर जा बसी रोली अपने काम की वजह से जानी जाती हैं। लगभग 34 साल की उम्र में रोली ने जो प्रतिष्ठा हासिल की है, उसे न केवल गूगल के अधिकारी बल्कि रोली के पति भी मानते हैं।
विज्ञापन
वह भी सिंगापुर में ही एक टेलीकाम कंपनी में कार्यरत हैं। रोली ने अपनी स्कूली शिक्षा दून में कांवेंट ऑफ जीसस एंड मेरी (सीजेएम) के साथ ही सेंट थामस कॉलेज से भी हासिल की।
विज्ञापन
अपने काम से बेहद प्यार
इसके बाद ग्रेजुएशन करने के लिए चंडीगढ़ चली गईं। वहां से ग्रेजुएशन करने के बाद रोली ने नोएडा स्थित एमिटी बिजनेस स्कूल से एमबीए किया। इसके बाद अपने सपनों की राह पर कदम बढ़ा दिया।
मिस आईसीएसई भी रहीं
रोली न केवल पढ़ाई बल्कि इतर गतिविधियों में भी अव्वल रहीं। स्कूली जीवन के दौरान सेंट थॉमस कॉलेज में पढ़ते हुए उसने न केवल मिस आईसीएसई का खिताब हासिल किया, बल्कि स्कूल कैप्टन भी रहीं।
बच्चे नहीं, काम से प्यार
रोली और उनके पति अभी अपनी-अपनी कंपनी में अपने-अपने रोल में व्यस्त हैं। उनके बच्चे नहीं हैं, लेकिन जिंदगी से रोली बेहद खुश हैं। उन्हें अपने काम से बेहद प्यार है, इसलिए किसी तरह की कमी महसूस नहीं होती।
मिस आईसीएसई भी रहीं
रोली न केवल पढ़ाई बल्कि इतर गतिविधियों में भी अव्वल रहीं। स्कूली जीवन के दौरान सेंट थॉमस कॉलेज में पढ़ते हुए उसने न केवल मिस आईसीएसई का खिताब हासिल किया, बल्कि स्कूल कैप्टन भी रहीं।
बच्चे नहीं, काम से प्यार
रोली और उनके पति अभी अपनी-अपनी कंपनी में अपने-अपने रोल में व्यस्त हैं। उनके बच्चे नहीं हैं, लेकिन जिंदगी से रोली बेहद खुश हैं। उन्हें अपने काम से बेहद प्यार है, इसलिए किसी तरह की कमी महसूस नहीं होती।