दादा ने संभाला पोता तो बहू बन गई PCS
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सरकारी नौकरी, दो बच्चे और पीसीएस इंटरव्यू की कॉल। इतनी उलझनों भरी जिंदगी में इंटरव्यू तक जाने की हिम्मत जुटाना भी बड़ी बात है।
लेकिन दून के कारगी चौक निवासी रितु जुयाल ने सभी परिस्थितियों का डटकर सामना करते हुए बिना कोचिंग के पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है। रितु अब एग्रीकल्चर ऑफिसर बन गई है।
रितु जुयाल इस वक्त गन्ना विकास निरीक्षक के पद पर मंगलौर, हरिद्वार में तैनात हैं। इसके बावजूद उन्होंने आगे बढ़ने की आस नहीं छोड़ी।
पीसीएस प्री और मेंस परीक्षा का परिणाम आने के बाद जब उनके पास इंटरव्यू की कॉल आई तो उनके लिए यह एक चुनौती थी। तीन माह का छोटा सा बेटा, नौकरी के बावजूद उन्होंने इंटरव्यू की तैयारी के लिए समय निकाला।
मेहनत का परिणाम कामयाबी
उनका छोटा सा बच्चा दादा दुर्गाप्रसाद जुयाल संभालते। एक बड़ा बेटा नाना दाताराम कुकरेती और नानी सुशीला कुकरेती के पास भेज दिया। बच्चे को दूध पिलाती और फिर जुट जाती तैयारियों में।
बच्चा सो जाता तो तुरंत रितु के हाथ में किताब होती। मेहनत का परिणाम आखिरकार कामयाबी के तौर पर सामने आया। रितु के पति हरिद्वार में विजया बैंक में बतौर मैनेजर कार्यरत हैं।
बीएससी के बाद आर्ट्स के विषय
रितु ने पंतनगर विवि से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई की। इसके बाद उनकी शादी हो गई। शादी के बावजूद उन्होंने आगे बढ़ने की चाहत बनाए रखी।
ससुराल का पूरा सहयोग मिला और आखिरकार उन्हें कामयाबी मिली। उन्होंने बताया कि मेंस में उनके पास फिलोसॉफी और लोक प्रशासन विषय थे, जिनकी तैयारी के लिए उन्होंने कोचिंग के बजाए अपने दोस्तों की मदद भी ली।