देहरादून के बेटे ने तय की ऊंची उड़ान, आठ लाख युवाओं के बीच से बना टॉपर
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देहरादून के युवा प्रशांत सिंह एयरफोर्स में पायलट बन गए हैं। एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट(एफकैट) की कठिन चयन प्रक्रिया के बाद प्रशांत का चयन हुआ है। इस परीक्षा में शामिल करीब आठ लाख युवाओं में से चयनित होने वाले टॉप-15 पायलट में प्रशांत शामिल हैं। बेटे की इस कामयाबी से परिवार में जश्न का माहौल है।
सेलाकुई के जमनपुर गांव निवासी सेना से रिटायर्ड सूबेदार चौधरी उमेश सिंह और बृजेश देवी के परिवार में उस वक्त खुशियां बिखर गई, जब बेटे प्रशांत का चयन एयरफोर्स में बतौर पायलट हो गया।
प्रशांत ने बताया कि उनके पिता ही उनके आदर्श हैं। सेना में सूबेदार पद पर होने के दौरान पिता को देखकर ही फौज में जाने का सपना पाला। प्रशांत ने 78 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं और 75 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की। इसके बाद उत्तराखंड तकनीकी विवि के संघटक कॉलेज टीएचडीसी इंजीनियरिंग कॉलेज टिहरी से बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की।
देशभर से करीब आठ लाख युवाओं ने लिया था हिस्सा
फौज में जाने के मकसद से कंबाइंड डिफेंस सर्विस और एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट को आवेदन कर दिया। एफकैट में चयन हो गया। इस परीक्षा में देशभर से करीब आठ लाख युवाओं ने हिस्सा लिया था।
इनमें से करीब चार हजार छात्रों का चयन एसएसबी के लिए हुआ था। इसमें से 15 युवाओं का चयन एयरफोर्स के लिए हुआ है, जिसमें प्रशांत भी शामिल हैं। प्रशांत की बड़ी बहन निवेदिता सिंह एक मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्यरत है।
अब प्रशांत एक जुलाई से हैदराबाद में एयरफोर्स एकेडमी में ज्वाइन करने जा रहे हैं। यहां उनका बतौर पायलट 18 महीने का कठिन प्रशिक्षण होगा। यहां से पासआउट होने के बाद प्रशांत वायुसेना में बतौर पायलट ज्वाइन करेंगे।